
नई दिल्ली। नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत देशवासियों के लिए महंगाई का बड़ा झटका लेकर आई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और खाड़ी देशों से सप्लाई प्रभावित होने के कारण पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की गई है।
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड समेत तेल कंपनियों ने प्रीमियम ईंधन की कीमतों में इजाफा किया है। नई दरों के अनुसार, XP100 (100 ऑक्टेन) प्रीमियम पेट्रोल की कीमत 149 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 160 रुपये प्रति लीटर हो गई है, यानी 11 रुपये की बढ़ोतरी। वहीं, एक्स्ट्रा ग्रीन प्रीमियम डीजल की कीमत 91.49 रुपये से बढ़कर 92.99 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है।
तेल कंपनियों का कहना है कि यह फैसला अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों और रुपये की विनिमय दर में उतार-चढ़ाव को देखते हुए लिया गया है। बदलती वैश्विक परिस्थितियों के चलते ईंधन की कीमतों में यह वृद्धि की गई है।
इस बढ़ोतरी का सीधा असर आम लोगों पर पड़ेगा। खासकर परिवहन, लॉजिस्टिक्स और कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों की लागत बढ़ेगी। राजधानी दिल्ली में प्रीमियम डीजल की कीमत अब लगभग 95 से 96 रुपये प्रति लीटर के करीब पहुंच गई है।
इसके अलावा, एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी भारी इजाफा किया गया है। कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में 195.50 रुपये की बढ़ोतरी के बाद इसकी कीमत 2,078.50 रुपये तक पहुंच गई है।
इससे पहले भी 20 मार्च को मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के चलते प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में 2 से 2.30 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। लगातार बढ़ती कीमतों से आम उपभोक्ताओं और उद्योगों पर दबाव बढ़ता जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें स्थिर नहीं होती हैं, तो आने वाले समय में ईंधन की कीमतों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
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