
नालंदा. बिहार के नालंदा स्थित प्रसिद्ध शीतला माता मंदिर में मंगलवार को हुई भीषण भगदड़ के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है. इस दर्दनाक हादसे में 8 श्रद्धालुओं की मौत के बाद मचे हाहाकार के बीच पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है.
पंडा समेत 4 सलाखों के पीछे
हादसे के बाद भीड़ प्रबंधन में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में पुलिस ने एक मुख्य पंडा सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि मंदिर परिसर में क्षमता से अधिक भीड़ होने के बावजूद व्यवस्था बनाने में लापरवाही की गई, जिसके कारण स्थिति बेकाबू हो गई. गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि घटना की तह तक जाया जा सके.
40 लोगों पर केस, 20 नामजद आरोपी
प्रशासन ने इस मामले में कुल 40 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. इनमें 20 लोग नामजद हैं, जबकि 20 अन्य अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है. पुलिस सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान कर रही है.
सरकार का रुख: "दोषी बख्शे नहीं जाएंगे"
राज्य सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस बड़ी प्रशासनिक और प्रबंधकीय चूक के लिए जो भी जिम्मेदार होगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है.
भीड़ प्रबंधन पर उठे गंभीर सवाल
मंगलवार को शीतला माता मंदिर में विशेष पूजा के दौरान अचानक भीड़ का दबाव बढ़ गया था. पर्याप्त सुरक्षाकर्मी और बैरिकेडिंग न होने के कारण भगदड़ मच गई, जिसमें दबने और दम घुटने से 8 लोगों की जान चली गई. यह घटना एक बार फिर धार्मिक स्थलों पर उमड़ने वाली भारी भीड़ के प्रबंधन की चुनौतियों को उजागर करती है.
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