
भोपाल। मध्यप्रदेश में महिलाओं और बच्चों की डिजिटल सुरक्षा, साइबर अपराधों से संरक्षण और कल्याणकारी योजनाओं में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से एक बड़ी पहल की गई है। महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया के भोपाल स्थित शासकीय निवास पर गूगल (Google) और 'अहान फाउंडेशन' के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की। इस बैठक में तकनीक के सकारात्मक उपयोग और भविष्य की कार्ययोजना को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने जोर देकर कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग प्रदेश की आधी से ज्यादा आबादी का प्रतिनिधित्व करता है, इसलिए उन्हें इंटरनेट सेफ्टी के प्रति जागरूक करना हमारा नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि डिजिटल सुरक्षा और एआई (AI) आधारित मध्यप्रदेश महिला सुरक्षा वर्तमान समय के बेहद संवेदनशील मुद्दे हैं। मोबाइल और सोशल मीडिया के बढ़ते दखल को देखते हुए हमें एक सकारात्मक और सुरक्षात्मक दृष्टिकोण अपनाना होगा। मंत्री ने विभाग और गूगल के बीच समन्वय के लिए एक विस्तृत संयुक्त कार्ययोजना प्रस्तुत करने का सुझाव दिया।

बैठक में विभाग और गूगल के बीच एक बेहतरीन कार्ययोजना पर सैद्धांतिक सहमति बनी है। इसके तहत:
तकनीक के माध्यम से सरकारी योजनाओं को सीधे और पारदर्शी तरीके से पात्र हितग्राहियों तक पहुँचाया जाएगा।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए विशेष ऑनलाइन मॉड्यूल विकसित किए जाएंगे।
इन मॉड्यूल्स में कुपोषण निवारण के आधुनिक तरीकों के साथ साइबर सिक्योरिटी के बुनियादी नियम भी शामिल होंगे, ताकि ग्रामीण स्तर पर महिलाओं को ऑनलाइन फ्रॉड से बचाया जा सके।
इस बैठक का एक अत्यंत महत्वपूर्ण बिंदु वर्ष 2028 में उज्जैन में आयोजित होने वाला सिंहस्थ महापर्व रहा। सिंहस्थ जैसे विशाल मेले में खोए हुए बच्चों को तुरंत खोजने और उन्हें परिवारों से मिलाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीकी समाधानों के उपयोग पर रणनीति बनाई गई। गूगल के सहयोग से एक उन्नत ट्रैकिंग और मैपिंग कार्ययोजना तैयार की जाएगी, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
गूगल की डायरेक्टर (सर्च और जेनरिटिव AI ट्रस्ट एंड सेफ्टी) स्निग्धा भारद्वाज ने बताया कि गूगल पूर्व में महाराष्ट्र में शिक्षकों के लिए बड़े स्तर पर ट्रेनिंग प्रोग्राम चला चुका है। इंटरनेट पर डीपफेक और वित्तीय धोखाधड़ी को रोकने के लिए गूगल लगातार तकनीकी समाधान प्रदान कर रहा है। अहान फाउंडेशन की सीईओ सोनाली पाटणकर ने कहा कि मध्यप्रदेश में भी इसी तर्ज पर बड़े पैमाने पर कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी, जो मध्यप्रदेश महिला सुरक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होंगी।
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