
सागर। मध्य प्रदेश कैडर के 2014 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी अनुराग सुजानिया ने शासकीय सेवा से अचानक त्यागपत्र देकर प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हलचल पैदा कर दी है। राज्य शासन द्वारा सागर जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) पद से हटाए जाने के महज चार दिन बाद सोमवार को उन्होंने सरकार को अपना औपचारिक इस्तीफा सौंप दिया। अपने त्यागपत्र में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ने सेवा छोड़ने के पीछे 'निजी व व्यक्तिगत कारणों' का उल्लेख किया है।
मूल रूप से राजस्थान के निवासी अनुराग सुजानिया की गिनती एक तेजतर्रार पुलिस अफसर के रूप में होती रही है, हालांकि सागर और मुरैना में एसपी के कार्यकाल के दौरान हुए जहरीली शराब कांडों के कारण उनका कार्यकाल विवादों में भी घिरा रहा। वर्ष 2021 में मुरैना पदस्थापना के दौरान जहरीली शराब से 24 से अधिक लोगों की जान चली गई थी, जिसकी जांच में पुलिस संरक्षण के आरोप सामने आए थे। वहीं हाल ही में सागर में भी जहरीली शराब से 15 लोगों की असमय मौत हुई थी। इस घटना के बाद शासन ने कड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए अनुराग सुजानिया को सागर एसपी पद से मुक्त किया था और उनके साथ ही तत्कालीन सागर कलेक्टर को भी पद से हटा दिया गया था।
सागर एसपी पद से हटाए जाने के तुरंत बाद आईपीएस अधिकारी के त्यागपत्र देने के इस अप्रत्याशित कदम ने राज्य के गृह और पुलिस प्रशासन को सतर्क कर दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री स्वयं सक्रिय हो गए हैं। मुख्यमंत्री आज शाम पुलिस मुख्यालय (PHQ) भोपाल पहुंचेंगे, जहां वे पुलिस महानिदेशक (DGP) और विभाग के शीर्ष वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक करेंगे।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में कानून-व्यवस्था, जिलों में वरिष्ठ अधिकारियों की कार्यप्रणाली, प्रशासनिक समन्वय और इस इस्तीफे के बाद उत्पन्न परिस्थितियों पर विस्तृत समीक्षा की जाएगी।
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