
तेहरान/वाशिंगटन. मिडिल ईस्ट में जारी भीषण संघर्ष के बीच ईरान ने शुक्रवार को अमेरिका को बड़ा सैन्य नुकसान पहुँचाने का दावा किया है. ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार, ईरानी वायु रक्षा प्रणाली (Air Defence System) ने पिछले 24 घंटों में अमेरिका के दो लड़ाकू विमानों को मार गिराया है. इस घटना ने क्षेत्र में पहले से ही जारी युद्ध की स्थिति को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है.
प्रमुख घटनाक्रम: F-15E और A-10 हुए क्रैश
ईरान ने शुरुआत में दावा किया था कि उसने एक आधुनिक F-35 फाइटर जेट को निशाना बनाया है, लेकिन बाद की मीडिया रिपोर्ट्स और अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, गिराया गया विमान F-15E स्ट्राइक ईगल था.
A-10 थंडरबोल्ट: दूसरा विमान A-10 अटैक एयरक्राफ्ट था, जो हमला झेलने के बाद किसी तरह कुवैत के हवाई क्षेत्र तक पहुँचने में सफल रहा. वहाँ पायलट ने सुरक्षित रूप से 'इजेक्ट' कर लिया, लेकिन विमान क्रैश हो गया.
रेस्क्यू ऑपरेशन पर हमला: जब अमेरिका ने अपने पायलटों को बचाने के लिए दो ब्लैकहॉक हेलिकॉप्टर भेजे, तो ईरान ने उन पर भी हमला किया. हालांकि, हेलिकॉप्टर में सवार सैनिक सुरक्षित बताए जा रहे हैं.
लापता पायलट और ईरान का 'इनाम'
वर्तमान में एक अमेरिकी पायलट को रेस्क्यू कर लिया गया है, जबकि F-15E का दूसरा चालक दल सदस्य (पायलट) अभी भी लापता है. ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB ने एक चौंकाने वाली घोषणा करते हुए कहा है कि जो कोई भी नागरिक इस अमेरिकी पायलट को जिंदा पकड़कर सेना को सौंपेगा, उसे 10 बिलियन तोमान (लगभग 55 लाख) का इनाम दिया जाएगा.
ट्रम्प का कड़ा रुख: "हम युद्ध में हैं"
इस गंभीर सैन्य क्षति के बावजूद, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने झुकने से इनकार कर दिया है. NBC न्यूज़ को दिए एक फोन इंटरव्यू में ट्रम्प ने कहा:
"ईरान द्वारा हमारे विमान गिराए जाने से बातचीत की मेज पर कोई असर नहीं पड़ेगा. सच तो यह है कि हम युद्ध में हैं और हम पीछे नहीं हटेंगे."
ट्रम्प ने स्पष्ट किया कि शांति वार्ता और सैन्य कार्रवाई साथ-साथ चलती रहेंगी, लेकिन पायलटों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है.
Leave A Reviews