
तेंदूखेड़ा, देशबंधु। तेंदूखेड़ा से गाडरवारा मार्ग पर नर्मदा नदी के ककराघाट स्थित पुल की बदहाल स्थिति राहगीरों के लिए खतरा का सबब बनती जा रही है। पुल पर जगह-जगह गड्ढे उभर आए हैं और कई स्थानों पर तो गड्ढों से लोहे के सरिए भी बाहर दिखाई देने लगे हैं। वहीं पुल पर रेलिंग नहीं होने के साथ कोई वैकल्पिक सुरक्षा व्यवस्था और पर्याप्त चेतावनी संकेत भी नजर नहीं आते। ऐसे में इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
वैकल्पिक सुरक्षा व्यवस्था के हो इंतजाम- बारिश अथवा बाढ़ के दौरान यदि नदी के जलस्तर और बहाव को देखते हुए पुल की रेलिंग हटाई जाती है, तो ऐसी स्थिति में लोगों की सुरक्षा के लिए वैकल्पिक सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित किए जाने चाहिए। इसके लिए सुरक्षित बैरियर, स्पष्ट चेतावनी संकेत और जरूरत पड़ने पर यातायात नियंत्रण की व्यवस्था होनी चाहिए। लेकिन ककराघाट पुल पर रेलिंग के अभाव के साथ वैकल्पिक सुरक्षा चेतावनी भी नजर नहीं आने से दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। वहीं पुल पर गड्ढे और उनमें से बाहर निकली सरिया इस खतरे को और गंभीर बना रहे हैं।

तेंदूखेड़ा से गाडरवारा पहुंचने का यह महत्वपूर्ण मार्ग है- ककराघाट का यह पुल क्षेत्र के सबसे व्यस्ततम मार्गों में से एक है। तेंदूखेड़ा क्षेत्र के लोगों के लिए सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन गाडरवारा है और गाडरवारा पहुंचने के लिए इसी मार्ग का उपयोग किया जाता है। अमावस्या, पूर्णिमा और नर्मदा जयंती जैसे प्रमुख धार्मिक त्यौहारों पर इस मार्ग पर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ जाती है। साथ ही प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इस रास्ते से आवागमन करते हैं। ऐसे में पुल की जर्जर हालत का असर आम नागरिकों, यात्रियों और अन्य वाहन चालकों पर पड़ रहा है।
भारी डंपरों की आवाजाही से सड़क पर बढ़ रहा दबाव- स्थानीय स्तर पर भारी मालवाहक डंपरों की लगातार आवाजाही को सड़क की दुर्दशा की प्रमुख वजहों में से एक माना जा रहा है। भारी वाहनों के दबाव के बीच पुल पर गड्ढों का उभरना और लोहे की सरिया का बाहर दिखाई देना चिंता का विषय है। यदि समय रहते मरम्मत और सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए तो कोई गंभीर दुर्घटना हो सकती है।
आखिर हादसे का इंतजार क्यों, तत्काल निरीक्षण और मरम्मत की मांग- स्था
नीय लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग ककराघाट पुल का तत्काल निरीक्षण कर गड्ढों की मरम्मत सुनिश्चित करे। और बाहर निकली सरिया को सुरक्षित किया जाए एवं पुल पर आवश्यक रेलिंग अथवा उपयुक्त वैकल्पिक सुरक्षा बैरियर लगाए जाएं। साथ ही, स्पष्ट चेतावनी संकेत स्थापित किए जाएं तथा भारी मालवाहक वाहनों की आवाजाही और उनके भार की नियमानुसार जांच की जाए, ताकि पुल पर अनावश्यक दबाव को नियंत्रित किया जा सके।

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