
अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच इटली ने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन को बड़ा झटका दिया है। इटली ने तेहरान के खिलाफ संभावित सैन्य अभियानों के लिए अपने सिसिली स्थित अहम एयरबेस के उपयोग की अनुमति देने से इनकार कर दिया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने पश्चिम एशिया की ओर बढ़ने से पहले अपने बमवर्षक विमानों को सिसिली के एयरबेस पर उतारने की अनुमति मांगी थी, लेकिन इटली ने इसे खारिज कर दिया। इस फैसले के साथ ही नाटो में स्पेन के बाद इटली दूसरा ऐसा सहयोगी बन गया है, जिसने अमेरिका को सैन्य सुविधाएं देने से मना किया है।
इससे पहले स्पेन भी अमेरिकी लड़ाकू विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर चुका है। स्पेन की रक्षा मंत्री मार्गरीटा रोबल्स ने साफ कहा था कि उनका देश ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई में अपने ठिकानों या हवाई क्षेत्र का उपयोग नहीं करने देगा।
यूरोपीय संघ ने भी अब तक इस संघर्ष में सैन्य रूप से शामिल होने की कोई इच्छा नहीं जताई है, जिससे अमेरिका के लिए कूटनीतिक चुनौतियां बढ़ गई हैं।
वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि जल्द कोई समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका ईरान के ऊर्जा ठिकानों और खर्ग द्वीप को निशाना बना सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापार बाधित होने पर अमेरिका कड़ी कार्रवाई करेगा।
इस घटनाक्रम से स्पष्ट है कि पश्चिम एशिया संकट अब वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक और सैन्य तनाव को और गहरा कर रहा है।
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