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जबलपुर में बिना डिग्री महिला चला रही थी क्लीनिक, सरकारी दवाएं और बेड बरामद


जबलपुर जिले में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अमले की संयुक्त टीम ने अवैध रूप से संचालित हो रहे एक फर्जी क्लीनिक पर बड़ा प्रहार किया है। पनागर क्षेत्र के खिलौता स्थित साईं मंगलम कॉलोनी में एक सामान्य आवासीय मकान के भीतर बिना किसी मेडिकल डिग्री और बिना पंजीयन के मिनी अस्पताल चलाया जा रहा था। लगातार मिल रही गंभीर शिकायतों के आधार पर संयुक्त दल ने सुनियोजित तरीके से दबिश देकर मौके से भारी मात्रा में चिकित्सकीय उपकरण और दवाएं जब्त कीं। प्रशासन ने पूरी संपत्ति और क्लीनिक को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया है।

6 बेड, ऑक्सीजन सिलेंडर, खून की थैलियां और अबॉर्शन किट बरामद

प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को पुख्ता इनपुट मिला था कि एक आवासीय मकान में नियमों को ताक पर रखकर अस्पताल जैसी गंभीर स्वास्थ्य सुविधाएं और संदिग्ध प्रक्रियाएं संचालित की जा रही हैं। सूचना की पुष्टि होते ही टीम ने औचक छापेमारी की। तलाशी के दौरान अधिकारियों के होश उड़ गए, जब घर के भीतर पूरा अस्पतालनुमा सेटअप मिला। मौके से 6 अस्पताल बेड, ऑक्सीजन सिलेंडर, नवजात शिशुओं के लिए उपयोग होने वाला बेबी वार्मर, विभिन्न प्रकार के प्रतिबंधित व जीवनरक्षक इंजेक्शन, भारी मात्रा में सरकारी सप्लाई की दवाएं, कई यूनिट खून की थैलियां (Blood Bags) और बड़ी संख्या में अबॉर्शन किट बरामद की गईं।

बिना किसी डिग्री के महिला कर रही थी इलाज, क्लीनिक किया गया सील

शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह अवैध क्लीनिक प्रीति केवट नामक महिला द्वारा संचालित किया जा रहा था। पूछताछ और दस्तावेजों की पड़ताल में पता चला कि आरोपी महिला के पास चिकित्सा पद्धति से संबंधित न तो कोई वैध मेडिकल डिग्री है और न ही नर्सिंग होम या क्लीनिक संचालन का कोई अधिकृत पंजीयन अथवा लाइसेंस। बिना किसी योग्यता के मरीजों की जान जोखिम में डालकर गंभीर उपचार और प्रक्रियाएं की जा रही थीं। टीम ने पंचनामा तैयार कर समस्त मेडिकल सामग्री, उपकरण और दवाओं को विधिवत जब्त कर लिया है और परिसर को पूरी तरह सील कर दिया है।

स्वास्थ्य विभाग की कड़ी चेतावनी, वैधानिक प्रकरण दर्ज करने की तैयारी

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी दवाओं और अबॉर्शन किट की बरामदगी बेहद संवेदनशील विषय है। यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी महिला के पास सरकारी अस्पताल की दवाएं और ब्लड यूनिट्स कहां से और किस नेटवर्क के माध्यम से पहुंचाई जा रही थीं। स्वास्थ्य महकमे और स्थानीय पुलिस द्वारा मध्य प्रदेश उपचर्यागृह तथा रुजोपचार संबंधी स्थापनाएं अधिनियम (नर्सिंग होम एक्ट) और भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कराने की वैधानिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है। प्रशासन ने दो टूक चेतावनी दी है कि जिले में झोलाछाप डॉक्टरों और अवैध पैथोलॉजी-क्लीनिकों के खिलाफ यह धरपकड़ अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा।

Date & Time : 2026-09-10 07:39:50

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