
जबलपुर रेल मंडल में चलाए गए टिकट चेकिंग अभियान के बेहतर परिणाम सामने आए हैं। पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर मंडल के अनुसार, चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1 अप्रैल से 31 जुलाई 2026 तक सघन टिकट जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान 3 लाख 13 हजार से अधिक अनियमित, बिना टिकट और अनबुक्ड लगेज वाले यात्रियों को पकड़ा गया।
रेलवे के मुताबिक, इन मामलों से कुल 27 करोड़ 92 लाख रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ। मंडल के विभिन्न स्टेशनों और यात्री ट्रेनों में टिकट जांच की कार्रवाई लगातार की गई।
अभियान के दौरान बिना टिकट यात्रा करने वाले 1 लाख 42 हजार यात्रियों को पकड़ा गया। इन मामलों से रेलवे को 14 करोड़ 76 लाख रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ।
रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा शुरू करने से पहले वैध टिकट जरूर खरीदें। बिना टिकट यात्रा करने पर रेलवे नियमों के तहत जुर्माने की कार्रवाई की जाती है।
टिकट जांच अभियान में ऐसे यात्रियों पर भी कार्रवाई की गई, जिन्होंने अनुचित या निम्न श्रेणी का टिकट लिया था, लेकिन ट्रेन में उच्च श्रेणी में यात्रा कर रहे थे।
ऐसे 1 लाख 69 हजार मामले सामने आए। इनसे रेलवे को 13 करोड़ 8 लाख रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ।
इसके अलावा बिना बुक कराए अतिरिक्त सामान यानी ओवरलोडेड लगेज के 4,891 मामले पकड़े गए। इन मामलों से करीब 8 लाख 10 हजार रुपये का राजस्व रेलवे को मिला।
जबलपुर मंडल के अनुसार, मंडल रेल प्रबंधक कमल कुमार तलरेजा के मार्गदर्शन और वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक डॉ. मधुर वर्मा के नेतृत्व में टिकट चेकिंग स्टाफ और वाणिज्य विभाग की टीम ने यह अभियान चलाया।
रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि ई-टिकट की वेटिंग लिस्ट पर यात्रा न करें, क्योंकि ऐसी स्थिति में यात्रा वैध नहीं मानी जाती। स्टेशन परिसर और प्लेटफॉर्म पर प्रवेश के लिए यात्रा टिकट या प्लेटफॉर्म टिकट रखना जरूरी है।
रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि अधिक सामान लेकर यात्रा करने वाले यात्रियों को निर्धारित नियमों के अनुसार लगेज बुक कराना होगा।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक डॉ. मधुर वर्मा ने कहा है कि जबलपुर रेल मंडल टिकट चेकिंग अभियान आगे भी नियमित रूप से जारी रहेगा। अनियमित यात्रा पर रेलवे की ओर से शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी।
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