Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

कटनी: तपती सड़क पर 'खून के आँसू' रोता अन्नदाता, सैलो पटोरी केंद्र पर 6 KM लंबी कतार, प्रशासनिक कुप्रबंधन से किसान बेहाल


कटनी। मध्य प्रदेश में गेहूँ खरीदी की प्रक्रिया किसानों के लिए उत्सव के बजाय एक बड़ी मुसीबत बन गई है। कटनी जिला मुख्यालय से लगभग 65 किलोमीटर दूर स्थित सैलो पटोरी खरीदी केंद्र पर अव्यवस्थाओं का ऐसा अंबार लगा है कि हजारों किसान भीषण गर्मी और लू के बीच सड़क पर रातें बिताने को मजबूर हैं। स्थिति यह है कि केंद्र के बाहर लगभग 1000 ट्रैक्टर-ट्रालियों की 6 किलोमीटर लंबी कतार लगी हुई है। किसान नीतीश और राजू बर्मन जैसे कई अन्नदाताओं का कहना है कि वे तीन-तीन दिनों से अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन खरीदी की गति इतनी धीमी है कि घंटों में ट्रैक्टर महज कुछ कदम ही आगे बढ़ पाता है।

इस बार किसानों के लिए सबसे बड़ा संकट 'स्लॉट बुकिंग' की तारीखों में अचानक हुआ बदलाव बना है। किसान बलराम लोधी ने भावुक होते हुए बताया कि उनके स्लॉट की अंतिम तिथि 7 मई थी, जिसे रातों-रात बदलकर 6 मई कर दिया गया। अब सैकड़ों ट्रैक्टरों के पीछे खड़े किसानों को डर है कि जब तक उनका नंबर आएगा, उनकी पात्रता की तारीख निकल चुकी होगी। इस प्रशासनिक अदूरदर्शिता के कारण किसान अब औने-पौने दाम पर बिचौलियों को अनाज बेचने या वापस घर ले जाने को विवश हैं। इसके अलावा, किसानों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि निजी कंपनी के गार्ड पैसे लेकर बिचौलियों के वाहनों को बीच से ही प्रवेश दे रहे हैं, जबकि आम किसान धूल और भूख से लड़ रहा है।

खरीदी केंद्र पर न केवल छाया और भोजन की कमी है, बल्कि प्रशासन द्वारा किए गए पानी के टैंकरों के दावे भी खोखले साबित हो रहे हैं। अव्यवस्थित कतारों के कारण टैंकर अंतिम छोर तक पहुँच ही नहीं पा रहे हैं। सुरक्षा के कोई इंतजाम न होने से किसानों के बीच अक्सर हिंसक विवाद हो रहे हैं और अनाज चोरी का भय भी बना रहता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि निरंतर लगने वाले जाम और बाहरी लोगों के जमावड़े से क्षेत्र में असुरक्षा का माहौल है। वहीं, सैलो पटोरी के ब्रांच मैनेजर पुष्पेंद्र पटेल ने तर्क दिया है कि बहोरीबंद के 22 केंद्रों को इसी एक केंद्र में मर्ज करने से दबाव बढ़ा है और सर्वर डाउन होने के कारण स्लॉट की तारीखों में बदलाव करना पड़ा।

इस मुद्दे ने अब राजनीतिक तूल भी पकड़ लिया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार की नीति और नीयत पर सवाल उठाते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो साझा किया है और प्रदेशव्यापी 'चक्का जाम' की चेतावनी दी है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी सरकार को घेरते हुए कहा कि यदि खरीदी मार्च के मध्य से शुरू होती, तो किसानों को यह चिलचिलाती धूप नहीं झेलनी पड़ती। दूसरी ओर, एसडीएम बहोरीबंद राकेश कुमार चौरसिया ने तकनीकी खराबी को देरी का कारण बताते हुए निगरानी रखने की बात कही है, लेकिन 22 केंद्रों को एक ही स्थान पर समेटने के सवाल पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। कटनी की यह तस्वीर प्रदेश की कृषि व्यवस्था की विफलता को साफ उजागर करती है।

Share:

Leave A Reviews

Related News