
कटनी जिले की जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा अंतर्गत ग्राम पंचायत मुरवारी के सरपंच अजय लोधी को वित्तीय अनियमितताओं और शासकीय पद के दुरुपयोग के गंभीर मामले में पद से बर्खास्त कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए अजय लोधी पर आगामी 6 वर्षों तक किसी भी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव लड़ने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। यह दंडात्मक कार्रवाई मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम की धारा 40 एवं धारा 89 के अंतर्गत विधिवत की गई है।
जांच में यह बड़ा खुलासा हुआ कि सरपंच अजय लोधी ने अपने पुत्र के नाम पर एक निजी फर्म तैयार कराई थी। इसके बाद पंचायत के सार्वजनिक विकास कार्यों के लिए शासन से स्वीकृत राशि में से लगभग 43 लाख रुपये का भुगतान नियमों को ताक पर रखकर सीधे अपने परिवार की इसी फर्म के खातों में ट्रांसफर कर दिया।
इस गंभीर वित्तीय गड़बड़ी के खिलाफ पंचायत के उपसरपंच और ग्रामीणों ने जिला पंचायत व जनपद पंचायत स्तर पर लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। ग्रामीणों ने विकास कार्यों में धांधली और निजी लाभ पहुंचाने के प्रमाण प्रस्तुत किए थे। जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर के निर्देशन में गठित जांच दल द्वारा की गई विस्तृत पड़ताल में सरपंच पर लगे सभी आरोप प्रथम दृष्टया सत्य पाए गए।
ढीमरखेड़ा जनपद पंचायत के सीईओ केके पांडे ने शुक्रवार को इस निष्कासन कार्रवाई की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि जांच प्रतिवेदन में दोष सिद्ध होने के बाद सक्षम प्राधिकारी के आदेश पर अजय लोधी को सरपंच पद से अपदस्थ किया गया है। ग्राम पंचायत का दैनिक प्रशासनिक कामकाज और विकास योजनाएं प्रभावित न हों, इसके लिए विधिक प्रावधानों के अनुसार पंचों में से ही उसी आरक्षित वर्ग के किसी एक पंच को सरपंच पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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