Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

कविता कृष्णमूर्ति: आवाज से पहचान बनाई और रिश्तों से मिसाल, जानें सुर संगीत से सजी गायिका की लव स्टोरी

मुंबई, 24 जनवरी (आईएएनएस)। 'साजन जी घर आए', 'बोल चूड़िया', 'अलबेला सजन' और 'छाया है जो दिल पर' जैसे रोमांटिक गाने आज भी लोगों की जुबान पर जिंदा हैं, क्योंकि उन गानों को गाने वाली सिंगर ने सिर्फ गानों को गाया नहीं बल्कि जीया है।

मुंबई, 24 जनवरी (आईएएनएस)। 'साजन जी घर आए', 'बोल चूड़िया', 'अलबेला सजन' और 'छाया है जो दिल पर' जैसे रोमांटिक गाने आज भी लोगों की जुबान पर जिंदा हैं, क्योंकि उन गानों को गाने वाली सिंगर ने सिर्फ गानों को गाया नहीं बल्कि जीया है।

हम बात कर रहे हैं कविता कृष्णमूर्ति की। कविता अपने वर्सटाइल सिंगिंग टैलेंट के साथ-साथ सौम्य आवाज के लिए भी जानी जाती हैं। हिंदी सिनेमा को कई रोमांटिक गानों से नवाजने वाली कविता की पर्सनल लाइफ भी फिल्मी लव स्टोरी से कम नहीं है।

45 से ज्यादा भाषाओं में गाने वाली कविता कृष्णमूर्ति ने 8 साल की उम्र में साबित कर दिया था कि संगीत उनके लिए ही बना है और वो संगीत के बिना अधूरी हैं। अपनी आंटी के कहने पर कविता ने संगीत सीखने का फैसला किया था। तमिल परिवार में 25 जनवरी 1958 को जन्मी कविता ने बलराम पुरी से शास्त्रीय संगीत की शिक्षा ली और मात्र 8 साल की उम्र में अपनी आवाज से लोगों को मंत्रमुग्ध कर पुरस्कार भी जीता। बढ़ती उम्र के साथ संगीत और गहरा होता गया है और सिंगर ने अपनी किस्मत आजमाने के लिए मुंबई का रुख किया।

कविता की किस्मत 1971 में चमकी, जब उन्हें लता मंगेशकर के साथ एक बंगाली फिल्म में गाने का मौका मिला। गायक और संगीतकार हेमंत कुमार कविता की आवाज के कायल हो गए और उन्होंने कविता के साथ कई लाइव परफॉर्मेंस दी, जिसके बाद हेमा मालिनी की मां जया चक्रवर्ती ने सिंगर की मुलाकात संगीत निर्देशक लक्ष्मीकांत से कराई। लक्ष्मीकांत और प्यारेलाल की जोड़ी के साथ कविता ने फिल्म 'मिस्टर इंडिया' का 'हवा-हवाई' गीत गाया और उनकी किस्मत पूरी तरह पलट गई और फिर शुरू हुआ हिट देने का सिलसिला। 90 के दशक में कविता की गिनती बड़े प्लेबैक सिंगर्स में होने लगी।

इस बीच कविता का दिल 4 बच्चों के पिता पर अटक गया। कर्नाटक के प्रसिद्ध वायलिन वादक और संगीतकार डॉ. एल. सुब्रमण्यम से उनकी पहली मुलाकात एक संगीत समारोह में हुई थी। दोनों को साथ में एक गाना करने का मौका मिला। कविता खुद बताती है कि उन्होंने सुब्रमण्यम के चार बच्चों का ध्यान बहुत अच्छे से रखा था और यही वजह थी कि हमारा रिश्ता इतना मजबूत हुआ और हमने शादी करने का फैसला किया।

डॉ. एल. सुब्रमण्यम की पहली पत्नी का निधन हो चुका था और चार बच्चों के साथ संगीतकार के लिए करियर को संभालना मुश्किल हो रहा था। ऐसे में हर मौके पर बिना किसी शिकायत या उम्मीद के कविता ने बच्चों का ध्यान अपने बच्चों की तरह उन्हें प्यार दिया, जिसके बाद 1999 में दोनों ने शादी करने का फैसला लिया। आज कविता की अपनी कोई संतान नहीं है। वे संगीतकार के चारों बच्चों के साथ खुशी-खुशी रह रही हैं।

--आईएएनएस

पीएस/वीसी

Share:

Leave A Reviews

Related News