
श्योपुर. बाढ़ राहत घोटाले में गिरफ्तार तहसीलदार अमिता सिंह तोमर पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है। श्योपुर जिले में हुए इस बहुचर्चित मामले ने प्रदेशभर में हलचल मचा दी है।
जानकारी के अनुसार, बड़ौदा तहसील में बाढ़ राहत राशि वितरण के दौरान करीब ढाई करोड़ रुपये के घोटाले का मामला सामने आया था। आरोप है कि फर्जीवाड़ा कर अपात्र लोगों को मुआवजा बांटा गया। इस मामले में अमिता सिंह तोमर के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
26 मार्च को पुलिस ने उन्हें ग्वालियर स्थित उनके निवास से गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में शिवपुरी जेल भेज दिया गया। वे पिछले पांच दिनों से जेल में बंद हैं।
इस बीच चंबल कमिश्नर सुरेश कुमार ने कलेक्टर अर्पित वर्मा की रिपोर्ट के आधार पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
गौरतलब है कि अमिता सिंह तोमर कौन बनेगा करोड़पति में 50 लाख रुपये जीतकर चर्चा में आई थीं। एक समय अपनी उपलब्धि के लिए सुर्खियों में रहीं अधिकारी अब भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में घिरी हुई हैं।
फिलहाल मामले की अगली सुनवाई 6 अप्रैल को निर्धारित है। जांच पूरी होने के बाद उनके खिलाफ आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी।
इस कार्रवाई को प्रशासनिक सख्ती के रूप में देखा जा रहा है, जिससे भ्रष्टाचार के मामलों में कड़ा संदेश देने की कोशिश की गई है।
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