
खरगोन जिले में लोकायुक्त इंदौर की टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। झिरन्या ब्लॉक के ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर (BEO) प्रभात परमार्थी को 2,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। शिकायतकर्ता सुभाष बर्डे ने बताया कि उनकी पत्नी शासकीय स्कूल में अतिथि शिक्षक हैं। उनके नवंबर 2025 के वेतन अनुमोदन को पास करने के एवज में अधिकारी द्वारा इस राशि की मांग की जा रही थी।
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के मार्गदर्शन में जांच की गई। शिकायत सही पाए जाने पर 25 अप्रैल 2026 को लोकायुक्त की ट्रैप टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही आरोपी अधिकारी ने अपने ज्योति नगर स्थित आवास पर रिश्वत की राशि स्वीकार की, टीम ने उन्हें दबोच लिया। इसके बाद उनके हाथों को धुलवाया गया, जिससे केमिकल के कारण उनके हाथ लाल हो गए, जो रिश्वत लेने का पुख्ता प्रमाण माना जाता है।
लोकायुक्त टीम ने आरोपी प्रभात परमार्थी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधन) 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया है। इस ट्रैप दल का नेतृत्व उप पुलिस अधीक्षक सुनील तालान ने किया, जिसमें कई आरक्षक शामिल थे। लोकायुक्त विभाग ने एक बार फिर आमजन से अपील की है कि यदि कोई भी लोक सेवक काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो बिना डरे इसकी सूचना तत्काल लोकायुक्त कार्यालय में दें।
Leave A Reviews