
धार. मध्य प्रदेश के धार जिले के टांडा थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। ग्राम कालीदेवी में रात के समय अपने घर के आंगन में सो रही एक युवती का उसके ही जीजा और उसके साथियों ने जबरन अपहरण कर लिया और जंगल में ले जाकर दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की और मुख्य आरोपी व जीजा समेत सभी चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनका पैदल जुलूस निकालते हुए न्यायालय में पेश किया।
पुलिस द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार:
घटना का समय: यह वारदात 3 अगस्त 2026 की रात करीब 11:30 बजे की है।
अपहरण की साजिश: पीड़िता अपने घर के बाहर आंगन में सो रही थी। तभी उसका जीजा दीपक सिंगार अपने तीन साथियों—करमसिंह सिंगार, भंगु डावर और सुरेश के साथ तीन मोटरसाइकिलों पर वहां पहुंचा।
परिजनों को धमकी: आरोपियों ने युवती को जबरन उठाना शुरू किया। जब परिजनों ने बीच-बचाव और विरोध करने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी और युवती को बाइक पर बैठाकर फरार हो गए।
असामाजिक तत्व पीड़िता को ग्राम नरवाली के घने जंगल में ले गए, जहां मुख्य आरोपी करमसिंह ने उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के अगले दिन परिजनों ने काफी खोजबीन की, जिसके बाद पीड़िता मिली।
पीड़िता ने तुरंत टांडा थाने पहुंचकर आपबीती सुनाई और मामला दर्ज कराया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में टांडा थाना प्रभारी संजय कुमार रावत के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।
दबिश देकर गिरफ्तारी: पुलिस टीम ने त्वरित घेराबंदी और दबिश देकर चारों आरोपियों (दीपक सिंगार, करमसिंह सिंगार, भंगु डावर और सुरेश) को गिरफ्तार कर लिया।
सामग्री जब्त: वारदात में इस्तेमाल की गई तीनों मोटरसाइकिलें भी पुलिस ने जब्त कर ली हैं।
जुलूस और कोर्ट में पेशी: पुलिस ने अपराधियों में कानून का खौफ पैदा करने के उद्देश्य से आरोपियों का जुलूस निकाला और उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
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