
कोठी, सतना। सतना जिले की रैगांव विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला कोठी अस्पताल एक बार फिर व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा में है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोठी में कर्मचारियों की जिम्मेदारियों को लेकर एक नया मामला सामने आया है। आरोप है कि यहां आउटसोर्स कर्मचारियों से उनके निर्धारित कार्यों के अलावा दूसरे महत्वपूर्ण कार्य कराए जा रहे हैं, जबकि कई नियमित शासकीय कर्मचारी ड्यूटी से नदारद रहते हैं।
मामले से जुड़ा एक पत्र सामने आने के बाद स्वास्थ्य केंद्र की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों और पत्र की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग की ओर से नहीं की गई है।
जानकारी के मुताबिक कोठी अस्पताल में एक भृत्य यानी चपरासी को NMA का कार्यभार सौंपे जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में एक पत्र वायरल होने की बात कही जा रही है। इससे पहले भी अस्पताल में कर्मचारियों को उनके मूल पद से अलग जिम्मेदारियां दिए जाने के आरोप सामने आते रहे हैं।
आरोपों के अनुसार ड्रेसर से अकाउंटेंट, ड्राइवर से ड्रेसर और ओपीडी पर्ची काउंटर पर रेडियोग्राफर का काम कराने जैसी व्यवस्थाएं भी सामने आई थीं।

मामला उस समय और गंभीर हो गया जब एक चौकीदार को NCD से संबंधित कार्य करते हुए तस्वीर सामने आने का दावा किया गया। बताया जा रहा है कि उक्त कर्मचारी से NCD का काम कराया जा रहा था।
जब चौकीदार से इस संबंध में जानकारी ली गई तो उसने कथित तौर पर बताया कि उसे यह कार्य बीएमओ कोठी के निर्देश पर करने के लिए कहा गया है।
NCD यानी नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज से जुड़े कार्यों में मरीजों की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और स्क्रीनिंग जैसी जिम्मेदारियां शामिल हो सकती हैं। ऐसे में गैर-संबंधित पद के कर्मचारी से इस तरह का कार्य कराए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय स्तर पर यह भी सवाल उठाया जा रहा है कि अस्पताल में वरिष्ठ और अनुभवी नर्सिंग स्टाफ मौजूद होने के बावजूद महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संबंधी कार्य अन्य कर्मचारियों से क्यों कराए जा रहे हैं।
आरोप यह भी है कि अस्पताल में लाखों रुपये का वेतन पाने वाले कई नियमित शासकीय कर्मचारी अपनी ड्यूटी से नदारद रहते हैं, जबकि आउटसोर्स कर्मचारियों से अतिरिक्त जिम्मेदारियां कराई जा रही हैं। हालांकि, कर्मचारियों की अनुपस्थिति से जुड़े इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद अब सवाल उठ रहा है कि क्या स्वास्थ्य विभाग के जिला स्तर के अधिकारी मामले का संज्ञान लेकर जांच कराएंगे? स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र में यदि कर्मचारियों से नियमों के विपरीत कार्य कराया जा रहा है तो इसकी जांच होना जरूरी है, क्योंकि अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है।
अब देखना होगा कि सामने आए पत्र, तस्वीर और लगाए गए आरोपों को लेकर स्वास्थ्य विभाग क्या कार्रवाई करता है और क्या जिम्मेदार अधिकारियों से इस संबंध में जवाब मांगा जाता है।
नोट: इस खबर में शामिल आरोप स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी और उपलब्ध सामग्री पर आधारित हैं। संबंधित बीएमओ या स्वास्थ्य विभाग का आधिकारिक पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी खबर में शामिल किया जा सकता है।
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