
श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क से वन्यजीव संरक्षण और 'प्रोजेक्ट चीता' को लेकर अत्यंत चिंताजनक और स्तब्ध करने वाली खबर सामने आई है। पार्क में स्वच्छंद विचरण कर रही मादा चीता 'निर्वा' के 19 महीने के नर शावक की उपचार के दौरान मौत हो गई है। प्रसिद्ध पर्यावरण एवं आरटीआई एक्टिविस्ट अजय दुबे द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, शावक के पेट में गोली के छर्रे लगे हुए थे और गंभीर आंतरिक संक्रमण व घावों के चलते उसने दम तोड़ दिया। हालांकि, मौत के सटीक चिकित्सकीय कारणों और परिस्थितियों को लेकर वन विभाग की विस्तृत आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, घायल पाए जाने के बाद शावक को तत्काल कूनो नेशनल पार्क के आंतरिक चिकित्सा केंद्र में लाया गया था, जहां विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की निगरानी में उसका सघन उपचार चल रहा था। पूर्व में उसकी नाजुक हालत को देखते हुए जबलपुर वेटरनरी कॉलेज भेजे जाने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन स्थिति अत्यधिक गंभीर होने के कारण कूनो के स्वास्थ्य केंद्र में ही उसका इलाज जारी रखा गया था। इलाज के तमाम प्रयासों के बावजूद शावक को बचाया नहीं जा सका।
चीता शावक के शरीर में गोली के छर्रे पाए जाने और उसकी मौत के बाद प्रोजेक्ट चीता की जमीनी सुरक्षा और मॉनिटरिंग पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरटीआई एक्टिविस्ट अजय दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए पूरे मामले की स्वतंत्र केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की पुरजोर मांग उठाई है। उन्होंने दो-टूक कहा कि उन्हें कूनो फील्ड डायरेक्टर या नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (NTCA) द्वारा बनाई जाने वाली किसी एसआईटी (SIT) पर भरोसा नहीं है, क्योंकि यह केवल लीपापोती साबित होगी।
अजय दुबे ने आरोप लगाया कि श्योपुर, मुरैना और शिवपुरी के सीमावर्ती क्षेत्रों में वर्ष 2025 से ही अवैध शिकार से जुड़े मामले लगातार सामने आ रहे हैं और वर्ष 2026 में भी इन प्रकरणों में गिरफ्तारियां हुई हैं। उन्होंने दावा किया कि वह लंबे समय से मध्य प्रदेश सरकार और वन विभाग को इस संवेदनशील बेल्ट में सक्रिय शिकारियों के नेटवर्क को लेकर आगाह कर रहे थे, लेकिन अधिकारियों ने समय रहते कोई ठोस सुरक्षा कदम नहीं उठाया।
शिकार की इस गंभीर विफलता को लेकर अजय दुबे ने कूनो नेशनल पार्क के फील्ड डायरेक्टर उत्तम शर्मा, डिप्टी डायरेक्टर एवं डीएफओ आर. थिरुकुरल और संबंधित एसडीओ अमृतियांशु को तत्काल प्रभाव से उनके पदों से हटाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये के बजट और हाई-टेक सेटेलाइट रेडियो कॉलर ट्रैकिंग के बावजूद अगर संरक्षित चीता शावक को शिकारी गोली मार रहे हैं, तो इसके लिए शीर्ष प्रबंधन की सीधी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
वहीं इस पूरे विवाद और आरोपों पर कूनो नेशनल पार्क के फील्ड डायरेक्टर उत्तम शर्मा का कहना है कि विभाग पूरे मामले का संज्ञान ले रहा है और घटना के वास्तविक तथ्यों व शावक की स्थिति को लेकर जल्द ही आधिकारिक प्रेस नोट जारी कर संपूर्ण जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
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