
भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के समग्र विकास, अधोसंरचना, पर्यावरण संरक्षण और जनकल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण वित्तीय प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट बैठक के फैसलों की औपचारिक जानकारी देते हुए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि राज्य में बड़े पैमाने पर वनीकरण और क्षतिपूरक वन प्रबंधन के लिए कैंपा (CAMPA) फंड के तहत 2,050 करोड़ रुपये की कार्ययोजना स्वीकृत की गई है।
कृषि और सिंचाई विस्तार को गति देने के उद्देश्य से कैबिनेट ने नर्मदा घाटी विकास विभाग के तहत वर्ष 2019-20 से संचालित चार प्रमुख वृहद परियोजनाओं को निरंतर वित्तीय सहायता जारी रखने का निर्णय लिया है। इसके तहत छिंदवाड़ा, मुरैना, सिवनी और सागर जिलों में निर्माणाधीन 3,378 करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजनाओं को हरी झंडी दी गई। इसके साथ ही आर्थिक अपराधों पर सख्त नियंत्रण और वित्तीय अन्वेषण तंत्र को आधुनिक बनाने के लिए ईओडब्ल्यू (EOW) को 345 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया।
बैठक में नगरीय विकास एवं आवास विभाग में विभिन्न सामग्रियों और सेवाओं की खरीद प्रक्रिया के दौरान हुई गंभीर वित्तीय अनियमितताओं पर भी कड़ा एक्शन लिया गया। मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि विभाग में पारदर्शी प्रणाली और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स की मदद से पिछले छह महीनों में बड़े पैमाने पर खरीद विसंगतियों को ट्रैक किया गया।
इस तकनीकी जांच के आधार पर:
अब तक 201 गंभीर वित्तीय प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
इन मामलों में लिप्त पाए गए 392 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कड़े निर्देश दिए हैं कि जनता की गाढ़ी कमाई और शासकीय राजस्व के दुरुपयोग में लिप्त किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
प्रशासनिक सुगमता और शिक्षा तंत्र को मजबूती देने के लिए नवगठित जिलों—निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर—में नए जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालयों की स्थापना तथा इसके लिए आवश्यक नए पदों के सृजन को कैबिनेट ने स्वीकृति दे दी है। वहीं, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की सात प्रमुख पेंशन व कल्याणकारी योजनाओं के संचालन हेतु 351 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा, सरकार के 3 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 21 और 22 दिसंबर को मंत्रियों के दो दिवसीय 'चिंतन शिविर' का आयोजन किया जाएगा, जिसमें पिछले तीन वर्षों की प्रगति समीक्षा और आगामी वर्षों के विजन डॉक्यूमेंट पर विस्तृत मंथन होगा।
कम वर्षा वाले जिलों की समीक्षा: मुख्यमंत्री ने कृषि, उद्यानिकी और सहकारिता विभाग की समीक्षा करते हुए प्रदेश के 12 अल्पवर्षा वाले जिलों के लिए विशेष राहत और सिंचाई कार्ययोजना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
स्वदेशी और माटी कला को प्रोत्साहन: आगामी दीपावली पर्व पर सभी प्रभारी मंत्रियों को जिलों में वोकल फॉर लोकल अभियान के तहत माटी कला और स्थानीय दीयों की बिक्री को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए।
सेवा संकल्प अभियान: बैठक में बताया गया कि प्रदेशभर में 1,345 शिविरों के माध्यम से 17 लाख से अधिक जनकल्याणकारी आवेदन प्राप्त हुए हैं और 1,600 से अधिक सेवा ज्योति यात्राएं संचालित की गईं।
निवेश और उपलब्धियां: इंदौर सेमीकंडक्टर कॉन्क्लेव में मिले 5,800 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों की जानकारी साझा की गई। लाइन लॉस को 2.6% तक सीमित रखने के लिए पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी और विश्व कौशल प्रतियोगिता में गोल्ड जीतने पर पन्ना के युवाओं की सराहना की गई।
स्थापना दिवस और जयंतियां: 1 नवंबर से तीन दिवसीय मध्य प्रदेश स्थापना दिवस समारोह आयोजित होगा। 31 अक्टूबर को सरदार पटेल जयंती और 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती राज्य स्तर पर भव्य रूप से मनाई जाएगी।
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