
13 संस्थापकों को कृतज्ञ नमन के साथ अतीत का स्मरण
हरदा, नार्मदीय ब्राह्मण समाज धर्मशाला के गौरवशाली 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में नार्मदीय ब्राह्मण समाज मंदिर ट्रस्ट हरदा द्वारा 22 एवं 23 सितंबर को शताब्दी समारोह का भव्य आयोजन किया जा रहा है.नार्मदीय ब्राह्मण समाज मंदिर ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी अशोक पाराशर ने बताया कि यह आयोजन केवल एक शताब्दी का उत्सव नहीं, बल्कि पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता, विरासत के प्रति गौरव और भविष्य के प्रति संकल्प का अनुपम अवसर होगा.समारोह का मूल भाव उन 13 संस्थापक सदस्यों को कृतज्ञ नमन करना है, जिनकी दूरदृष्टि, समर्पण और सामाजिक चेतना ने एक सदी पूर्व जिस संस्था की नींव रखी, वह आज समाज की अनमोल विरासत बन चुकी है. डेढ़ वर्ष से अधिक समय से चल रही तैयारियों के बाद आयोजित यह समारोह समाज की पीढ़ियों को एक सूत्र में जोड़ने का साक्षी बनेगा.
नार्मदीय ब्राह्मण समाज मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी राजेंद्र गुहा ने बताया कि

22 सितंबर को धर्मशाला परिसर में आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों की श्रृंखला होगी. मंगलाचरण, नर्मदा पूजन, विष्णु सहस्रनाम पाठ, सुंदरकांड पाठ, मातृशक्ति उत्सव एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से धर्म, संस्कार, संस्कृति और सामाजिक एकात्मता का संदेश दिया जाएगा.
ट्रस्टी संजय काशिव ने बताया कि 23 सितंबर को गोपीकृष्ण गार्डन में शताब्दी समारोह का मुख्य आयोजन होगा. इस अवसर पर धर्मशाला के 100 वर्षों के गौरवशाली इतिहास, समाज की उपलब्धियों, स्मृतियों और प्रेरक प्रसंगों को समेटे स्मारिका आराध्या—एक अनमोल विरासत का विमोचन किया जाएगा. ट्रस्टी ऋषि पारे ने बताया कि समारोह में समसामयिक विमर्श एवं संकल्प सत्र विशेष आकर्षण होगा.
जिसमें समाज के वर्तमान सरोकारों, चुनौतियों, नई पीढ़ी की भूमिका तथा आने वाले वर्षों की दिशा पर सार्थक मंथन किया जाएगा. ट्रस्टी दीपक शुक्ला ने बताया कि शताब्दी समारोह समाज की उस विरासत को नमन है, जिसे हमारे पूर्वजों ने त्याग, तपस्या और सामूहिक प्रयासों से निर्मित किया. यह अवसर अतीत को स्मरण करने के साथ वर्तमान को समझने और भविष्य की मजबूत नींव रखने का भी है.
समारोह के संयोजक संदीप पाराशर ने बताया कि पिछले डेढ़ वर्षों से आयोजन की तैयारियां चल रही हैं. इसका उद्देश्य केवल उत्सव मनाना नहीं, बल्कि समाज के बुजुर्गों और संस्थापकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए नई पीढ़ी के लिए नई दिशा, नई सोच और नए संकल्पों का मार्ग प्रशस्त करना है. उन्होंने बताया कि देश-विदेश से नार्मदीय समाज के सामाजिक बंधु समारोह में सहभागिता करेंगे और ‘नर्मदे हर’ के जयघोष से इस ऐतिहासिक अवसर को गरिमा प्रदान करेंगे.
महिला इकाई अध्यक्ष किरण काशिव ने कहा कि मातृशक्ति उत्सव समाज की नारी शक्ति, संस्कार और सहभागिता को समर्पित होगा. वहीं युवा इकाई अध्यक्ष अक्षय नेगी ने कहा कि शताब्दी समारोह युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों, परंपराओं और गौरवशाली विरासत से जोड़ने के साथ उन्हें समाज के भविष्य के निर्माण की जिम्मेदारी का बोध कराएगा.
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