
जबलपुर. जबलपुर जिले में भले ही इस बार औसत से कम बारिश दर्ज की गई हो, लेकिन ऊपरी इलाकों यानी मंडला, डिंडौरी और अमरकंटक क्षेत्र में लगातार हो रही झमाझम बारिश के चलते जीवनदायिनी नर्मदा नदी पर बना बरगी बांध एक बार फिर लबालब हो गया है. बांध में लगातार बढ़ रहे जलस्तर और पानी की तेज आवक को देखते हुए गुरुवार सुबह 11 बजे बांध के 5 गेटों को करीब एक-एक मीटर तक खोल दिया गया है. इन गेटों से लगभग 760 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे नर्मदा नदी के तटीय इलाकों में जलस्तर बढ़ने की पूरी संभावना है.
बरगी बांध प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार, लगातार हो रही बारिश के कारण बुधवार को बांध का जलस्तर बढ़कर 421.85 मीटर पर पहुंच गया, जो कि कुल क्षमता का 93.33 प्रतिशत यानी लगभग 93% है. पिछले कुछ दिनों से ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश के चलते बांध में लगातार पानी की आवक बनी हुई है. इसी क्रम में 2 सितंबर की सुबह 8 बजे बांध में 707 क्यूमेक पानी की आवक दर्ज की गई थी.
पानी के बढ़ते दबाव और मौसम विभाग के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए बांध प्रबंधन ने सुरक्षात्मक कदम उठाते हुए पांच स्पिलवे गेटों को एक मीटर की ऊंचाई तक खोला है. वर्तमान में बांध से लगभग 760 क्यूमेक पानी की निकासी की जा रही है. इस पानी के छोड़े जाने से जबलपुर समेत निचले इलाकों में नर्मदा नदी का जलस्तर 3 से 4 फीट तक बढ़ने का अनुमान लगाया गया है.
गेट खोले जाने से पहले ही बरगी बांध प्रबंधन और जिला प्रशासन ने नर्मदा नदी के सभी प्रमुख घाटों और आसपास के निचले इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है. प्रशासन ने स्थानीय लोगों, मछुआरों और पर्यटकों से अपील की है कि वे नर्मदा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए घाटों के नजदीक न जाएं और पूरी सावधानी बरतें.
बांध प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में जल आवक (Water Inflow) की स्थिति को देखते हुए पानी की निकासी को घटाया या बढ़ाया जा सकता है. फिलहाल, सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासनिक टीमें स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं.
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