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महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला, ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में 20 छात्रों पर 3 शिक्षक होंगे नियुक्त


मुंबई, 25 जून (आईएएनएस)। महाराष्ट्र सरकार ने ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए शिक्षकों की नियुक्ति से जुड़े मानकों में बड़ा ढील देने का फैसला किया है।

मुंबई, 25 जून (आईएएनएस)। महाराष्ट्र सरकार ने ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए शिक्षकों की नियुक्ति से जुड़े मानकों में बड़ा ढील देने का फैसला किया है।

स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री पंकज भोयर ने गुरुवार को विधान परिषद में प्रश्नकाल के दौरान बताया कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के माध्यमिक स्कूलों में अब यदि कक्षा 9 और 10 में कुल 20 या उससे अधिक छात्र हैं, तो वहां तीन शिक्षक नियुक्त किए जा सकेंगे।

यह फैसला पहले के 15 मार्च 2024 के सरकारी आदेश में बदलाव के रूप में लिया गया है। पहले नियम के अनुसार, केवल उन्हीं स्कूलों में तीन शिक्षक दिए जाते थे जहां 40 या अधिक छात्र हों और जो 3 से 5 किलोमीटर के दायरे में 'जीरो-पोस्ट' स्कूल के पास स्थित हों।

सरकार ने यह बदलाव जनप्रतिनिधियों की मांगों और जमीनी स्थिति को देखते हुए किया है। इसका संशोधित आदेश 11 मई 2026 को जारी किया गया।

मंत्री ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में छात्रों के पास कई विकल्प होते हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में खासकर लड़कियों को भी दूसरे गांव स्कूल जाना पड़ता है। इसलिए सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग मानक तय किए हैं ताकि ड्रॉपआउट रोका जा सके।

विधायकों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सरकार की प्राथमिकता है।

उन्होंने बताया कि 14 नवंबर 2025 को उच्च न्यायालय ने सरकार के पहले आदेश को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी थी और कहा था कि 15 मार्च 2024 का जीआर आरटीई अधिनियम, 2009 के अनुरूप है।

उन्होंने कहा कि आगे की समस्याओं को दूर करने के लिए शिक्षकों के विधायकों के साथ विशेष बैठक बुलाई जाएगी।

इसके अलावा मंत्री ने बताया कि गढ़चिरोली के पेसा क्षेत्रों में कार्यरत संविदा शिक्षकों की नियमित सेवा को लेकर जल्द ही एक उच्च स्तरीय बैठक होगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि पेसा अधिनियम का उद्देश्य स्थानीय आदिवासी युवाओं को रोजगार देना है और आरक्षण स्थानीय एसटी आबादी के अनुसार तय होता है।

उन्होंने बताया कि कुछ मामले सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं, लेकिन सरकार ने पहले ही स्थानीय स्तर पर संविदा शिक्षकों की नियुक्ति की है ताकि पढ़ाई बाधित न हो।

जो शिक्षक टीईटी और टीएआईटी के माध्यम से योग्य पाए गए हैं, उन्हें नियमित किया जा चुका है, जबकि अन्य योग्य शिक्षकों की प्रक्रिया सामान्य प्रशासन विभाग के 11 फरवरी 2026 के आदेश के अनुसार अपडेट की जा रही है।

इसके अलावा, स्कूलों में लड़कियों के लिए सुरक्षित शौचालय की कमी को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि सरकार जल्द ही पूरे राज्य में एक नया बेसलाइन सर्वे करेगी और 4 से 6 महीने के भीतर सभी जरूरी निर्माण कार्य पूरे किए जाएंगे।

नए ऑडिट में लड़कियों और लड़कों के लिए अलग और सुरक्षित शौचालय, पेयजल व्यवस्था, बिजली, सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीन और जहां जरूरत हो, वहां लाइब्रेरी रूम शामिल किए जाएंगे।

सरकार इन कार्यों के लिए जिला नियोजन समिति फंड, सीएसआर और अन्य सामाजिक कल्याण योजनाओं के फंड को मिलाकर काम तेज करेगी।

--आईएएनएस

एएमटी/वीसी

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