Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

यूपी के ग्रामीण गरीबों के लिए 6.18 लाख पक्के मकानों को मंजूरी, एमएसपी पर फसलों की खरीद का बढ़ा समय


लखनऊ, 25 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र सौंपकर उत्तर प्रदेश के ग्रामीण गरीबों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के नए चरण के तहत 6,18,482 पक्के मकानों की स्वीकृति दी। साथ ही किसानों को राहत देते हुए रबी फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की अवधि भी बढ़ा दी गई है।

लखनऊ, 25 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र सौंपकर उत्तर प्रदेश के ग्रामीण गरीबों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के नए चरण के तहत 6,18,482 पक्के मकानों की स्वीकृति दी। साथ ही किसानों को राहत देते हुए रबी फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की अवधि भी बढ़ा दी गई है।

शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि यह स्वीकृति प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के 2024-25 से 2028-29 तक के नए चरण के तहत दी गई है। इस योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार देशभर में अतिरिक्त दो करोड़ पक्के मकान बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही है।

उन्होंने कहा कि इनमें से 6,18,482 मकान उत्तर प्रदेश को आवंटित किए गए हैं, जिससे लाखों ग्रामीण गरीब परिवारों को चरणबद्ध तरीके से स्थायी आवास उपलब्ध कराने का रास्ता साफ हुआ है।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में ग्रामीण परिवारों का सर्वे पूरा हो चुका है और कच्चे मकानों में रहने वाले पात्र गरीब परिवारों की पहचान कर ली गई है।

उन्होंने कहा कि अब अगले चरण में इन पात्र परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत मकान उपलब्ध कराए जाएंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबके लिए आवास’ मिशन को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।

चौहान ने केंद्र सरकार की ओर से पूर्ण वित्तीय और तकनीकी सहयोग का भरोसा दिलाते हुए समयबद्ध निर्माण, गुणवत्ता नियंत्रण और सभी पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ देने पर जोर दिया।

किसानों को बड़ी राहत देते हुए केंद्रीय मंत्री ने रबी फसलों की एमएसपी पर खरीद अवधि बढ़ाने की मंजूरी का पत्र भी मुख्यमंत्री को सौंपा।

उत्तर प्रदेश सरकार के अनुरोध और किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए गेहूं, चना और मसूर की एमएसपी पर खरीद अब 8 जुलाई 2026 तक जारी रहेगी।

उन्होंने कहा कि मौसम की परिस्थितियों, मंडियों में भीड़, तौल में देरी और अन्य व्यावहारिक समस्याओं के कारण कोई भी किसान एमएसपी पर अपनी उपज बेचने से वंचित न रहे, इसी उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस निर्णय से प्रदेश के लाखों गेहूं, चना और मसूर उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा और उन्हें एमएसपी से कम कीमत पर फसल बेचने की मजबूरी से राहत मिलेगी।

उन्होंने उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी कृषि राज्य बताते हुए कहा कि देश के कुल गेहूं उत्पादन में लगभग 38 प्रतिशत योगदान अकेले उत्तर प्रदेश का है। चौहान ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, बढ़ता तापमान और भूजल स्तर में गिरावट खेती के लिए गंभीर चुनौतियां बनकर उभरी हैं।

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के लिए एक वैज्ञानिक कृषि रोडमैप तैयार किया जा रहा है, जिसमें फसल चक्र, सिंचाई, जल संरक्षण, बीज, तकनीक और विपणन रणनीतियों को शामिल किया जाएगा।

इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और उनकी टीम के साथ विस्तृत चर्चा की गई है। इस रोडमैप को केंद्र और राज्य सरकार मिलकर अंतिम रूप देंगी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस वर्ष एल नीनो के संकेत दिखाई दे रहे हैं और अब तक सामान्य से कम बारिश हुई है। आगे भी वर्षा में कमी की आशंका है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की प्राथमिकता है कि खेत खाली न रहें, किसानों की आय सुरक्षित रहे और देश की खाद्य सुरक्षा प्रभावित न हो।

इसी को ध्यान में रखते हुए बैठक में जिला-वार आकस्मिक योजना तैयार करने का फैसला लिया गया है, जिसमें कम अवधि और कम पानी वाली फसलों को बढ़ावा दिया जाएगा।

स्थानीय जल उपलब्धता, मिट्टी की स्थिति और मौजूदा फसल पैटर्न के आधार पर वैकल्पिक फसलों की सूची तैयार की जाएगी।

साथ ही, किसानों को समय पर सलाह, बीज और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए कृषि विज्ञान केंद्रों, राज्य कृषि विभाग और स्थानीय प्रशासन के माध्यम से विशेष व्यवस्था की जाएगी।

--आईएएनएस

एएमटी/वीसी

Share:

Leave A Reviews

Related News