
मैहर जिले अंतर्गत रामनगर क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन में लगे भारी वाहनों की बेलगाम रफ्तार ने एक बार फिर खूनी खेल खेला है। रामनगर-मैहर मुख्य मार्ग स्थित जिगना पेट्रोल पंप के पास गुरुवार दोपहर एक बिना नंबर प्लेट के ओवरलोड हाइवा ने पैदल जा रही एक महिला को बुरी तरह रौंद दिया। हादसे में महिला की कमर और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें आई हैं तथा कमर के नीचे का हिस्सा सुन्न हो गया। गंभीर रूप से घायल महिला को स्थानीय लोगों की मदद से तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना को अंजाम देने वाला हाइवा कुबरी घाट से अवैध रेत अनलोड कर तेजी से लौट रहा था। ज्यादा से ज्यादा फेरे (ट्रिप) लगाने की होड़ में चालक वाहन को बेहद तेज गति और लापरवाही से चला रहा था। घटना के बाद जब भीड़ जमा हुई, तो पाया गया कि हाइवा के आगे और पीछे कहीं भी नंबर प्लेट नहीं लगी थी। ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि यह वाहन रेत माफिया का है, जो प्रतिबंधों को ताक पर रखकर प्रतिदिन बिना नंबर प्लेट और ओवरलोड स्थिति में इसी सड़क से दौड़ता है।

सड़क दुर्घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों में भारी रोष देखा गया। ग्रामीणों का आरोप है कि रामनगर-मैहर मार्ग आम राहगीरों के बजाय रेत माफियाओं का हाई-स्पीड ट्रैक बन चुका है। ग्रामीणों ने इस पूरे अवैध कारोबार के फलने-फूलने के पीछे चार प्रमुख विभागों की निष्क्रियता और कथित संरक्षण को जिम्मेदार ठहराया:
परिवहन विभाग (RTO): बिना नंबर प्लेट, बिना वैध फिटनेस और परमिट के भारी डंफरों का मुख्य मार्गों पर बेधड़क दौड़ना।
खनिज विभाग: कुबरी और सोन नदी घाटों से होने वाले अवैध उत्खनन, ओवरलोडिंग और रॉयल्टी चोरी पर प्रभावी रोक का अभाव।
राजस्व विभाग: ग्रामीण अंचलों में अवैध रेत भंडारण और डंपिंग यार्डों की जानकारी होने के बावजूद पटवारी से लेकर अनुविभागीय स्तर तक निरंतर अनदेखी।
जिला प्रशासन: लगातार जनशिकायतों और मीडिया रिपोर्टों के बावजूद माफिया सिंडिकेट के खिलाफ कठोर व दीर्घकालिक नीतिगत कार्रवाई न होना।

हादसे से आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इसे मात्र एक साधारण मार्ग दुर्घटना न मानते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 (हत्या का प्रयास) के तहत मामला पंजीबद्ध किया जाए। इसके साथ ही बिना नंबर के हाइवा को जब्त कर उसके मूल मालिक की पहचान करने और अवैध उत्खनन व परिवहन की संयुक्त जांच कराने की मांग उठाई गई है। स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि ओवरलोड और बिना नंबर के दौड़ रहे डंफरों पर तत्काल प्रभाव से रोक नहीं लगाई गई, तो वे मुख्य मार्ग पर चक्काजाम करने के लिए विवश होंगे।
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