
मैहर में शारदीय नवरात्रि महापर्व के पावन अवसर पर देशभर से लाखों की संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और स्वास्थ्य को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। त्रिकूट पर्वत पर विराजित मां शारदा के दर्शन हेतु आने वाले भक्तों को किसी भी प्रकार की चिकित्सीय असुविधा न हो, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से व्यापक स्वास्थ्य सुरक्षा चक्र तैयार किया है। मेला परिसर, सीढ़ियों, रोपवे मार्ग और मंदिर प्रांगण में डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और नर्सिंग कर्मियों की टीमें 24 घंटे लगातार सेवाएं दे रही हैं।
नवरात्रि के दौरान अत्यधिक भीड़, सीढ़ियां चढ़ने की थकान अथवा मौसमी बदलाव के चलते श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ने या अचानक स्वास्थ्य संबंधी समस्या उत्पन्न होने पर तैनात चिकित्सा टीमें तत्काल मौके पर पहुंचकर प्राथमिक उपचार उपलब्ध करा रही हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, अस्थाई चिकित्सा शिविरों और एंबुलेंस इकाइयों को जीवनरक्षक दवाओं, ओआरएस, ऑक्सीजन सिलेंडरों और प्राथमिक उपचार किट से पूरी तरह सुसज्जित रखा गया है, जिससे अस्वस्थ होने वाले श्रद्धालुओं को बिना किसी विलंब के त्वरित राहत पहुंचाई जा सके।

आस्था के इस महापर्व में स्वास्थ्यकर्मियों की सक्रियता और आत्मीय सेवाभाव दूर-दराज से आने वाले वृद्ध, बच्चों और महिलाओं के लिए बड़ा संबल साबित हो रहा है। मेला क्षेत्र में तैनात स्वास्थ्य दल न केवल दवाइयां और परामर्श दे रहे हैं, बल्कि श्रद्धालुओं को निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन) और थकान से बचाव के लिए आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श भी उपलब्ध करा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग का यह समर्पण और तत्परता सेवा ही संकल्प के भाव को चरितार्थ कर रही है।
जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में संचालित यह स्वास्थ्य प्रबंधन नवरात्रि मेले को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुगम बनाने की मजबूत प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मां शारदा के दर्शन के लिए आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु पूर्णतः स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण में पूजा-अर्चना कर अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान करे। मेला अवधि के दौरान वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी निरंतर इन स्वास्थ्य शिविरों और चिकित्सा व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे हैं।
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