
मैहर। मध्यान्ह भोजन योजना (प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना) में मनमानी करने वाले प्रधानाध्यापकों पर अब जनपद शिक्षा केन्द्र रामनगर ने शिकंजा कस दिया है।विकासखण्ड स्त्रोत केन्द्र समन्वयक (BRC) रामनगर ने विकासखंड के 5 शासकीय शालाओं को नोटिस जारी कर तत्काल अतिरिक्त रसोइयों को कार्य से पृथक करने का सख्त आदेश दिया है।
कार्यालय जनपद शिक्षा केन्द्र रामनगर द्वारा जारी आदेश क्रं./पीएमपीएसएन/2026/238, दिनांक 14.10.26 में खुलासा हुआ है कि कई शालाओं में छात्र संख्या से कई गुना अधिक रसोइया कार्यरत हैं, जिससे शासन पर अनावश्यक वित्तीय भार पड़ रहा है।
इन 5 स्कूलों को मिला नोटिस -
शा.प्रा.शाला बड़खोहरा
शा.मा.शाला गोरसरी खुर्द (मौखण्ड)
शा.प्रा.शाला सेनपुरा नई बस्ती
शा.प्रा.शाला पुरौना
शा.प्रा.शाला डिधियाकला
क्या है शासन का नियम?
जिला पंचायत सतना के पत्र दिनांक 14.07.26 और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग भोपाल के निर्देश दिनांक 25.02.20 के अनुसार- 1 से 25 छात्र तक = 01 रसोइया
26 से 100 छात्र तक = 02 रसोइया
100 से अधिक पर = प्रत्येक 100 पर एक अतिरिक्त रसोइया
लेकिन इन स्कूलों में इस मापदंड को दरकिनार कर अतिरिक्त रसोइयों की नियुक्ति कर दी गई।
BRC का अल्टीमेटम -
आदेश में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि -"आपके विद्यालय में दर्ज छात्र संख्या के मान से अतिरिक्त रसोइया कार्यरत है। अतः कार्यरत अतिरिक्त रसोइया को तत्काल कार्य से पृथक कर, जानकारी दिनांक 17.10.26 तक इस कार्यालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। अन्यथा की स्थिति में रसोइयों के पारिश्रमिक भुगतान की सम्पूर्ण जिम्मेदारी शाला प्रधानाध्यापक की होगी।
"इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। माना जा रहा है कि जल्द ही अन्य शालाओं की भी जांच कर इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।
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