
सीधी। मध्य प्रदेश के सीधी जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत पटेहरा के गोरियरा बांध मार्ग पर सोमवार रात भीषण आग लग गई। यह आग इतनी भयानक थी कि जंगलों से शुरू होकर देखते ही देखते रिहायशी इलाकों तक फैल गई। इस अग्निकांड में एक गरीब की झोपड़ी और एक गौशाला जलकर पूरी तरह खाक हो गई है। राहत की बात यह रही कि ग्रामीणों और प्रशासन की सूझबूझ से एक बड़ी आबादी को इस आपदा से बचा लिया गया।
आग लगने की शुरुआत सोमवार रात करीब 8:00 बजे हुई थी। हवा की गति तेज होने के कारण लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया और मंगलवार सुबह तक कई स्थानों पर धधकती रही।
मंगलवार सुबह जब आग ने रिहायशी क्षेत्र में प्रवेश किया, तो गांव की निवासी नान बाई बैगा की झोपड़ी इसकी चपेट में आ गई। कुछ ही मिनटों में झोपड़ी जलकर राख हो गई, जिससे परिवार का सब कुछ छिन गया। इसके अलावा, एक अन्य ग्रामीण की गौशाला में भी आग लग गई, जिससे वहां रखा कृषि उपकरण, सामान और पशुओं का चारा नष्ट हो गया।
घटना के दौरान गांव में अफरा-तफरी का माहौल रहा। लोग अपने घरों से कीमती सामान लेकर बाहर भागने लगे। स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर आग पर काबू पाने की कोशिश की।
अधिकारियों ने बताया कि आग जिस दिशा में बढ़ रही थी, वहां करीब 15 पक्के और कच्चे मकान स्थित थे। यदि समय रहते संयुक्त प्रयास नहीं किए जाते, तो पूरा मोहल्ला आग की भेंट चढ़ सकता था। सूचना मिलते ही शिवसेना प्रदेश उपाध्यक्ष विवेक पांडे और उनके साथियों ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में मदद की।
वन परिक्षेत्राधिकारी प्रीति अहिरवार ने जानकारी दी कि वन विभाग की टीम रात करीब 9 बजे से ही मौके पर तैनात थी। विभाग के कर्मचारियों और फायर फाइटर्स ने रातभर अभियान चलाकर आग को अन्य घरों तक फैलने से रोका। मंगलवार दोपहर तक स्थिति पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया था। फिलहाल राजस्व विभाग नुकसान का आकलन कर रहा है ताकि प्रभावितों को मुआवजा मिल सके।
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