
उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में मक्सी रोड स्थित ग्राम करौंदिया में सोमवार शाम एक बेहद दर्दनाक हादसा हो गया। यहाँ पत्थर की एक गहरी खदान में जमा पानी में नहाने गए 9 किशोर डूबने लगे। चीख-पुकार सुनकर आस-पास के लोग इकट्ठा हुए और प्रशासन को सूचना दी गई। राहत की बात यह रही कि प्रशासन और रेस्क्यू टीम की तत्परता से 7 किशोरों को मौत के मुँह से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, लेकिन दो किशोर अब भी गहरे पानी में लापता हैं।
हादसे का शिकार हुए सभी किशोर उज्जैन शहर के ही रहने वाले बताए जा रहे हैं, जो गर्मी से राहत पाने के लिए एक ऑटो रिक्शा किराए पर लेकर पिकनिक मनाने खदान पहुँचे थे।
जानकारी के मुताबिक, इन किशोरों को खदान की गहराई का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह पत्थर की खदान करीब 60 से 70 फीट गहरी है। जैसे ही किशोरों का समूह पानी में उतरा, वे ढलान के कारण सीधे गहरे पानी में चले गए। तैरना न आने और अचानक पैर फिसलने के कारण सभी डूबने लगे।
बचाए गए किशोरों की उम्र करीब 16 वर्ष के आसपास है। सुरक्षित निकाले गए बच्चों ने बताया कि गहराई का पता न होने के कारण वे समझ ही नहीं पाए कि कब वे गहरे गड्ढे में समा गए।
घटना की गंभीरता को देखते हुए होमगार्ड और SDRF (एसडीआरएफ) की टीमें तुरंत मौके पर पहुँचीं। जिला कमांडेंट संतोष कुमार जाट ने बताया कि अनस (16) और शुभम (16) नाम के दो किशोर अभी भी लापता हैं। उनकी तलाश के लिए गोताखोरों की मदद ली जा रही है।
SDRF प्रभारी पुष्पेंद्र त्यागी ने जानकारी दी कि टीम अंडरवॉटर कैमरे और आधुनिक लाइट उपकरणों की मदद से सर्चिंग कर रही है। हालांकि, रात के अंधेरे और पानी की अत्यधिक गहराई के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी बाधा आ रही है। देर रात तक रेस्क्यू दल मौके पर डटा रहा, लेकिन अभी तक दोनों लापता बच्चों का कोई सुराग नहीं मिल सका है।
इस घटना ने एक बार फिर खदानों और असुरक्षित जलाशयों में नहाने के खतरों को उजागर किया है। जिला प्रशासन ने नागरिकों और विशेषकर युवाओं से अपील की है कि वे ऐसी खतरनाक खदानों और अनजान गहरे जलाशयों में नहाने न जाएं। पुलिस ने खदान के आस-पास सुरक्षा घेरा बना दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
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