
सिलीगुड़ी/मालदा. पश्चिम बंगाल के मालदा (कालियाचक) में भड़की हिंसा के मामले में सीआईडी (CID) को बड़ी कामयाबी मिली है. शुक्रवार सुबह हिंसा के कथित मास्टरमाइंड, वकील मोफक्करुल इस्लाम को बागडोगरा एयरपोर्ट से उस समय गिरफ्तार कर लिया गया, जब वह राज्य से बाहर फरार होने की फिराक में थे.
वोटर लिस्ट विवाद और न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाना
मालदा के कालियाचक में तनाव तब शुरू हुआ जब मतदाता सूची से नाम कटने के विरोध में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए. उग्र भीड़ ने न केवल तोड़फोड़ की, बल्कि 7 न्यायिक अधिकारियों को बंधक बना लिया, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति बेकाबू हो गई.
CJI सूर्यकांत की सख्त टिप्पणी
इस गंभीर स्थिति पर संज्ञान लेते हुए भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने गहरी चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा, "पश्चिम बंगाल में हर कोई राजनीतिक भाषा बोल रहा है और अधिकारियों को डराने-धमकाने की कोशिश की जा रही है." सीजेआई ने चुनाव आयोग को स्पष्ट निर्देश दिया है कि सभी अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए.
सियासी गलियारों में हलचल
हिंसा की गूंज दिल्ली तक पहुँच गई है. बंगाल के राज्यपाल इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने पहुँचे हैं. वहीं, भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने ममता सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बंगाल में "लोकतंत्र की जगह डर का राज" हावी हो गया है. चुनाव आयोग ने राज्य के डीजीपी से इस पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है.
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