
रीवा: मऊगंज पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। करीब एक सप्ताह की सघन तलाश के बाद पुलिस ने हनी ट्रैप मामले के दोनों आरोपियों को उड़ीसा से धर दबोचा है। आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहे थे और पश्चिम बंगाल भागने की फिराक में थे। एसडीओपी सचि पाठक ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने पूर्व जनपद उपाध्यक्ष विनोद मिश्रा को अपना शिकार बनाया था:
आरोपियों ने विनोद मिश्रा को नशीला पदार्थ देकर बेहोश किया।
बेहोशी की हालत में उनका आपत्तिजनक वीडियो बनाया गया।
वीडियो के जरिए उन्हें ब्लैकमेल करते हुए 5 लाख रुपए की फिरौती मांगी गई।
रकम न देने पर वीडियो को सार्वजनिक करने की धमकी दी गई थी।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपी महिला मऊगंज में एक कैफे संचालित करती थी, जिसकी शुरुआत 25 दिसंबर को हुई थी। इसी कैफे में विनोद मिश्रा का आना-जाना शुरू हुआ, जहाँ महिला ने योजनाबद्ध तरीके से उनसे जान-पहचान बढ़ाई। बाद में स्पाई कैमरे का इस्तेमाल कर वारदात को अंजाम दिया गया।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल जब्त कर लिए हैं। शुरुआती जांच में मिले चैट, फोटो और वीडियो से संकेत मिल रहे हैं कि यह गिरोह कई अन्य लोगों को भी अपना निशाना बना चुका है। पुलिस अब इन डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच करा रही है।
पुलिस आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। रिमांड के दौरान इस पूरे नेटवर्क, पैसों के लेनदेन और अन्य पीड़ितों के बारे में और भी चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है।
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