
मुरैना जिले में नेशनल हाईवे-44 पर बुधवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में सिविल लाइन थाने में पदस्थ कॉन्स्टेबल ओमप्रकाश तिवारी की जान चली गई। नियमित वाहन चेकिंग के दौरान एक तेज रफ्तार लोडिंग वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मारते हुए कुचल दिया।
गंभीर रूप से घायल कॉन्स्टेबल को तत्काल जिला अस्पताल मुरैना ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें ग्वालियर रेफर कर दिया। हालांकि, रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। हादसे के बाद भाग रहे वाहन चालक को पुलिस ने करीब 12 किलोमीटर तक पीछा कर नूराबाद के पास घेरकर दबोच लिया।
सिविल लाइन थाना प्रभारी उदयभान यादव ने बताया कि बुधवार को वे 8 पुलिसकर्मियों की टीम के साथ जनकपुर गांव में हुए एक विवाद के सिलसिले में दबिश देकर लौटे थे। इसके बाद शाम को पुलिस टीम हाईवे पर नियमित वाहन चेकिंग कर रही थी।
इसी दौरान कॉन्स्टेबल ओमप्रकाश तिवारी ने सामने से आ रहे एक बाइक सवार को जांच के लिए रुकने का इशारा किया। ठीक उसी समय मुरैना की तरफ से आ रहे तेज रफ्तार मिनी लोडिंग वाहन (क्रमांक UP 80 HP 5447) ने अनियंत्रित होकर कॉन्स्टेबल को सीधे टक्कर मार दी और उन्हें कुचलते हुए भाग निकला।
हादसे के तुरंत बाद साथी पुलिसकर्मियों ने एक ओर घायल जवान को अस्पताल पहुंचाया, वहीं दूसरी ओर थाना प्रभारी उदयभान यादव ने पुलिस बल के साथ फरार लोडिंग वाहन का पीछा शुरू किया।
करीब 12 किलोमीटर तक लगातार पीछा करने के बाद नूराबाद थाना क्षेत्र के पास पुलिस ने घेराबंदी कर लोडिंग वाहन को रोक लिया और चालक को हिरासत में ले लिया। वाहन में सब्जियां लदी हुई थीं। पुलिस ने वाहन को जब्त कर चालक के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
शहीद कॉन्स्टेबल ओमप्रकाश तिवारी मूल रूप से ग्वालियर के निवासी थे। वे 30 मई 2018 को मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में आरक्षक के पद पर भर्ती हुए थे। उनके परिवार में पत्नी संगीता तिवारी, 19 वर्षीय पुत्र आदित्य और 15 वर्षीय पुत्री राधिका हैं।
कर्तव्य के दौरान हुई इस आकस्मिक मौत से परिवार में कोहराम मच गया है। पुलिस विभाग के अधिकारियों और सहकर्मियों ने शोक व्यक्त करते हुए पार्थिव देह को अंतिम संस्कार के लिए उनके गृह नगर ग्वालियर रवाना किया।
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