
भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (MPPCC) में पार्टी छोड़कर जा चुके पुराने नेताओं और जमीनी कार्यकर्ताओं को पुनः संगठन से जोड़ने के अभियान को बड़ा समर्थन मिलता दिख रहा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने गुरुवार को जानकारी दी कि 'घर वापसी' अभियान के तहत पार्टी को अब तक 600 से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इनमें 200 से अधिक ऐसे बड़े चेहरे हैं जो वर्तमान और पूर्व जिला अध्यक्ष, पूर्व मंत्री, विधायक, पूर्व विधायक तथा महत्वपूर्ण सांगठनिक पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। हालांकि, प्रदेश नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि इन नेताओं की वापसी स्वतः या सीधे तौर पर नहीं होगी, बल्कि संबंधित जिला कांग्रेस कमेटियों (DCC) की संस्तुति और सहमति के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
एक अन्य महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम में सामाजिक व छात्र संगठन भीम आर्मी के कई वरिष्ठ प्रदेश और जिला स्तरीय पदाधिकारियों ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय (पीसीसी) में विधायक आरिफ मसूद और मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक की उपस्थिति में सदस्यता कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें भीम आर्मी के प्रदेश सचिव विलास पटेल, प्रदेश महासचिव सत्येंद्र विमल, विधि प्रकोष्ठ प्रभारी डकेश पाटिल, विधानसभा अध्यक्ष नागेश, जिला अध्यक्ष रंजीत दामले, जिला उपाध्यक्ष नीलेश हेरोडे और प्रकाश वानखेड़े सहित कई कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस का दामन थामा। जीतू पटवारी ने कहा कि संविधान, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों में आस्था रखने वाले सभी साथियों का संगठन में स्वागत है।
प्रेस वार्ता के दौरान जीतू पटवारी ने प्रदेश में गहराए बिजली संकट को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में सरप्लस बिजली होने का दावा करने वाली सरकार के राज में ग्रामीण अंचलों में तीन से चार दिनों तक बत्ती गुल रहती है। उन्होंने कहा कि लोड शेडिंग और मेंटेनेंस के नाम पर आम जनता को परेशान किया जा रहा है। पटवारी ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के महल के बिजली बिल की तुलना गरीब परिवारों के बिलों से करते हुए कहा कि गरीबों और किसानों को हजारों व लाखों रुपये के भारी-भरकम बिल थमाए जा रहे हैं, जबकि महलों के बिल नाममात्र आ रहे हैं। उन्होंने ऊर्जा मंत्री की गैर-मौजूदगी पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री से पूरे बिजली तंत्र की तत्काल समीक्षा करने की मांग की।
जीतू पटवारी ने लाड़ली बहना योजना के तहत महिलाओं को ₹3,000 मासिक राशि देने के चुनावी वादे पर सरकार की वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा किए गए इस वादे को अब तक अधूरा रखा गया है, और नए पंजीयन को लेकर मंत्रियों के बयानों में घोर विरोधाभास है।
इसके अलावा, उन्होंने भोपाल के पास बेरसिया में कथित तौर पर लगभग 400 गरीब व आदिवासी परिवारों के मकान तोड़े जाने के मामले पर प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया और सवाल उठाया कि वर्षों से रह रहे इन आदिवासियों को पट्टे क्यों नहीं दिए गए। साथ ही, इंदौर में निवेश और रोजगार के नाम पर अधिग्रहीत जमीन पर मॉल निर्माण में कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के रिश्तेदारों का नाम घसीटते हुए सरकार पर भ्रष्टाचार को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाया।
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