
ग्वालियर. मध्य प्रदेश में सरकारी शिक्षकों के लिए आयोजित होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा (MP TET) की तिथियां घोषित हो चुकी हैं, लेकिन प्रदेश भर के हजारों शिक्षकों के बीच गहरी असमंजस की स्थिति बनी हुई है. स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अब तक इस परीक्षा के दायरे में आने वाले शिक्षकों की आधिकारिक सूची जारी नहीं की गई है, जिससे शिक्षक यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि उन्हें आवेदन करना है या नहीं.
1998 से 2010 के बीच भर्ती 3500 से अधिक शिक्षक दायरे में
विभाग द्वारा जारी पूर्व दिशा-निर्देशों के अनुसार, वर्ष 1998 से 2010 के बीच नियुक्त हुए सभी शिक्षकों को इस पात्रता परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य किया गया है. अकेले जिले स्तर पर ऐसे लगभग 3500 शिक्षक इस नियम के दायरे में आ रहे हैं. इनमें 1998 से 2006 के बीच नियुक्त हुए लगभग 1500 शिक्षक शामिल हैं, जबकि सबसे बड़ी संख्या वर्ष 2006 और 2008 में नियुक्त हुए शिक्षकों की है, जिनकी संख्या करीब 2000 के आसपास है.
2006 व 2008 में नियुक्त शिक्षकों की मुख्य आपत्ति
सबसे अधिक विरोध और भ्रम वर्ष 2006 और 2008 में नियुक्त हुए शिक्षकों के बीच है. इन शिक्षकों का तर्क है कि उनकी नियुक्ति पहले से ही एक कठिन चयन एवं पात्रता परीक्षा प्रक्रिया के माध्यम से हुई थी. ऐसे में, दोबारा पात्रता परीक्षा में बैठाया जाना तर्कसंगत नहीं है. शिक्षा विभाग भी यह स्पष्ट नहीं कर पा रहा है कि चयन परीक्षा पास कर चुके इन शिक्षकों को छूट मिलेगी या नहीं, इसी निर्णयहीनता के कारण सूची जारी करने में देरी हो रही है.
सुप्रीम कोर्ट में सरकार की याचिका, 4 सितंबर है आवेदन की अंतिम तिथि
एक तरफ मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ESB) ने परीक्षा का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है. इसके अनुसार 21 अगस्त से 4 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन जमा किए जाने हैं, वहीं 9 अक्टूबर तक फॉर्म में संशोधन की सुविधा दी गई है और परीक्षा 12 अक्टूबर को होना प्रस्तावित है.
दूसरी ओर, राज्य सरकार ने 2006 व 2008 के शिक्षकों के संबंध में मार्गदर्शन प्राप्त करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. कोर्ट का फैसला कब आएगा, यह अनिश्चित है, जबकि ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 4 सितंबर बेहद करीब है. ऐसे में शिक्षकों को समझ नहीं आ रहा कि वे आवेदन करें या विभागीय आदेश का इंतजार करें.
शिक्षकों का आक्रोश: 30 अगस्त को दिल्ली में करेंगे रैली
विभाग के रवैये और अनिश्चितता से नाराज वर्ष 2006 व 2008 के शिक्षक संगठनों ने आंदोलन की राह पकड़ ली है. शिक्षकों ने अपनी मांगों को केंद्र सरकार और न्यायपालिका के समक्ष प्रमुखता से उठाने के लिए 30 अगस्त को दिल्ली में विशाल रैली आयोजित करने का निर्णय लिया है. शिक्षक संगठनों द्वारा दिल्ली कूच की तैयारियां जोर-शोर से की जा रही हैं.
Leave A Reviews