
भोपाल. मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए हुए हैं और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ रही हैं। मौसम केंद्र, भोपाल ने रविवार (3 मई, 2026) को प्रदेश के 27 जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मौसम का यह मिजाज आगामी 6 मई तक इसी तरह बना रहने वाला है।
मौसम विभाग ने जिन जिलों में चेतावनी जारी की है, वहां 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। प्रभावित जिलों की सूची इस प्रकार है:
ग्वालियर-चंबल संभाग: ग्वालियर, श्योपुर, शिवपुरी, मुरैना, भिंड, दतिया।
बुंदेलखंड और बघेलखंड: निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर।
महाकौशल और मध्य क्षेत्र: कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान में दो अलग-अलग ट्रफ लाइन (Troughs) सक्रिय हैं। एक ट्रफ लाइन उत्तर-पूर्वी राजस्थान से होते हुए मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों से गुजर रही है, जबकि दूसरी नमी दक्षिण भारत से आ रही है। इन प्रणालियों के प्रभाव से वातावरण में नमी बढ़ गई है, जिससे दोपहर के बाद स्थानीय स्तर पर बादल बन रहे हैं और गरज-चमक के साथ बारिश हो रही है।
बेमौसम हुई इस बारिश और आंधी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। शनिवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाएं चली थीं।
रायसेन: जिले के चुचर गांव में एक वेयरहाउस की टीन की छत उड़ने से वहां रखी सरकारी मूंग दाल भीग गई।
सीहोर: बोरदी इलाके में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में लदी फसलें अचानक आई बारिश से गीली हो गईं।
बालाघाट: तेज हवाओं के चलते नगर पालिका परिसर में पेड़ गिरने से वाहनों को नुकसान पहुंचा है।
मौसम विभाग के अनुसार, 6 मई तक प्रदेश के पूर्वी और उत्तरी हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और बिजली गिरने की संभावना बनी रहेगी। 7 मई से मौसम के धीरे-धीरे साफ होने और तापमान में फिर से बढ़ोत्तरी होने के आसार हैं।
Leave A Reviews