
सतना. मध्य प्रदेश के सतना जिले से एक दुखद खबर सामने आई है, जहाँ उचेहरा वन परिक्षेत्र के अंतर्गत एक तेंदुए की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। यह घटना सतना-उचेहरा रेल खंड पर तिघरा फाटक के पास हुई। रविवार सुबह जब ग्रामीणों ने रेलवे ट्रैक पर तेंदुए का लहूलुहान शव देखा, तो इलाके में सनसनी फैल गई। तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी गई।
जानकारी के अनुसार, रविवार (3 मई) की सुबह करीब साढ़े नौ बजे स्थानीय लोगों ने तिघरा फाटक के पास रेल पटरी पर तेंदुए का शव पड़ा देखा। सूचना मिलते ही उचेहरा रेंजर सचिन नामदेव अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। सतना वन मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी घटनास्थल का मुआयना किया। वन विभाग की प्रारंभिक जांच के अनुसार, तेंदुआ संभवतः रात या तड़के पटरी पार कर रहा था, तभी किसी अज्ञात तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आ गया।
वन्यप्राणी की मौत के मामले में किसी भी प्रकार की साजिश या शिकार की आशंका को खारिज करने के लिए वन विभाग ने पुख्ता इंतजाम किए:
डॉग स्क्वायड: घटनास्थल के आसपास किसी संदिग्ध गतिविधि की जांच के लिए डॉग स्क्वायड की मदद ली गई।
मुकुंदपुर टाइगर सफारी टीम: मुकुंदपुर से विशेषज्ञों की टीम को तकनीकी जांच और पोस्टमार्टम प्रक्रिया के लिए बुलाया गया।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि तेंदुए के शव को कब्जे में लेकर मुकुंदपुर भेजा गया है। वहां विशेषज्ञों की निगरानी में शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा। रेंजर सचिन नामदेव के अनुसार, "प्रथम दृष्टया यह ट्रेन एक्सीडेंट का मामला लग रहा है, क्योंकि तेंदुए के शरीर पर गंभीर चोट के निशान मिले हैं। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों और समय का स्पष्ट पता चल सकेगा।"
रेलवे ट्रैक के आसपास जंगली जानवरों की आवाजाही को देखते हुए वन विभाग ने रेलवे प्रशासन से भी इस क्षेत्र में ट्रेनों की गति को लेकर सतर्कता बरतने की अपील की है।
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