
नई दिल्ली. नरेंद्र मोदी ने गुजरात के साणंद में केन्स सेमीकॉन प्लांट का उद्घाटन कर देश को सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया। यह देश का दूसरा सेमीकंडक्टर प्लांट है, जो वैश्विक सप्लाई चेन में भारत की मजबूत भागीदारी को दर्शाता है।
उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री ने प्लांट का निरीक्षण किया और इंजीनियरों व ऑपरेटर्स से बातचीत की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि साणंद और सिलिकॉन वैली के बीच एक नया तकनीकी सेतु बन रहा है, जो “मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड” के विजन को साकार करेगा।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत का सेमीकंडक्टर मिशन केवल औद्योगिक नीति नहीं, बल्कि देश के आत्मविश्वास का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में भारत का सेमीकंडक्टर बाजार लगभग 50 अरब डॉलर का है, जो इस दशक के अंत तक 100 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।
इस मौके पर केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि केवल 14 महीनों में प्लांट का निर्माण और उत्पादन शुरू होना अभूतपूर्व है। उन्होंने बताया कि इस साल कुल चार सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राज्य में मजबूत औद्योगिक इकोसिस्टम तैयार हो रहा है और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विकास किया जा रहा है।
करीब 3,300 करोड़ रुपये के निवेश से तैयार यह प्लांट OSAT तकनीक पर आधारित है, जहां चिप्स की पैकेजिंग और टेस्टिंग की जाएगी। यहां एडवांस्ड इंटेलिजेंट पावर मॉड्यूल (IPMs) का उत्पादन होगा, जिनका उपयोग ऑटोमोबाइल और औद्योगिक उपकरणों में किया जाता है।
यह प्लांट Micron Technology के बाद भारत की दूसरी सेमीकंडक्टर यूनिट है, जिसने उत्पादन शुरू किया है। इसके साथ ही भारत वैश्विक स्तर पर एक विश्वसनीय सेमीकंडक्टर सप्लायर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
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