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नर्मदापुरम: भाजपा कार्यकर्ता और ढाबा संचालक सचिन राजपूत की सिर में गोली मारकर हत्या, सीहोर का आरोपी 24 घंटे में गिरफ्तार


नर्मदापुरम. मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के सोहागपुर थाना क्षेत्र में एक बेहद चौंकाने वाला हत्याकांड सामने आया है। यहाँ एक सक्रिय भाजपा कार्यकर्ता और मशहूर ढाबा संचालक सचिन राजपूत की सिर में गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस 'अंधे कत्ल' की गुत्थी को महज 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया है और सीहोर जिले के मुख्य आरोपी को वारदात में इस्तेमाल की गई देसी पिस्टल और मोटरसाइकिल के साथ दबोच लिया है।

रात को बाइक पर ले गया, फिर नहर के पास मारी गोली पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, मृतक सचिन राजपूत का पिपरिया रोड स्थित महुआ गांव के पास 'राजपूत ढाबा' था। 17 जून की रात वह अपने ढाबे पर काम देख रहा था, तभी उसका एक पुराना परिचित योगेंद्र उर्फ योगी गुर्जर वहाँ पहुँचा। योगेंद्र ने सचिन को जरूरी बात करने के बहाने अपनी बाइक पर बैठाया और साथ ले गया। दोनों जैसे ही पिपरिया-नर्मदापुरम स्टेट हाईवे से दूर रानी पिपरिया नहर की पुलिया के पास पहुँचे, योगेंद्र ने अचानक पिस्टल निकाली और सचिन के सिर में बेहद करीब से गोली मार दी। वारदात को अंजाम देकर आरोपी रात के अंधेरे में फरार हो गया।

मोबाइल लोकेशन की मदद से रात 3 बजे मिली लाश देर रात तक जब सचिन का कोई सुराग नहीं मिला और उसका फोन भी नहीं उठ रहा था, तो ढाबा कर्मचारियों और परिजनों ने तलाश शुरू की। घबराए परिजनों ने शोभापुर पुलिस चौकी को सूचना दी।

  • पुलिस की त्वरित कार्रवाई: चौकी प्रभारी राहुल पटेल ने तुरंत पुलिस टीम के साथ सचिन के मोबाइल की लास्ट लोकेशन ट्रेस की।

  • खून से लथपथ मिला शव: लोकेशन के आधार पर पुलिस रात करीब 3 बजे पोंढ़ी पांजरा रोड स्थित नहर की पुलिया पर पहुँची, जहाँ झाड़ियों के पास सचिन का खून से लथपथ शव बरामद हुआ। उनके सिर पर गहरे जख्म और गोली लगने के निशान थे।

हत्याकांड के पीछे 'चरित्र शंका', पत्नी से संबंध का था शक

पुलिस अधीक्षक (SP) साईं कृष्णा थोटा ने बताया कि पकड़े गए आरोपी योगेंद्र उर्फ योगी गुर्जर (उम्र 30 वर्ष, निवासी ग्राम बुंधनी, जिला सीहोर) से जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

साजिश की वजह: आरोपी योगेंद्र को यह गंभीर संदेह (चरित्र शंका) था कि मृतक सचिन राजपूत के उसकी पत्नी के साथ अवैध संबंध हैं। इसी शक की आग में झुलसकर उसने सचिन को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रची और उसे सुनसान जगह पर ले जाकर मौत के घाट उतार दिया।

पुलिस ने आरोपी के पास से हत्या में इस्तेमाल की गई ₹20,000 कीमत की देसी पिस्टल, जिंदा कारतूस, वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और घटना के वक्त पहने खून से सने कपड़े बरामद कर लिए हैं।

विधायक के करीबी थे सचिन, सोहागपुर में फूटा गुस्सा, चक्काजाम

बुधवार सुबह जैसे ही इस जघन्य हत्याकांड की खबर पूरे इलाके में फैली, स्थानीय निवासियों और भाजपा समर्थकों का गुस्सा फूट पड़ा। मृतक सचिन राजपूत सोहागपुर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक विजयपाल सिंह के बेहद करीबी और सक्रिय समर्थक थे। वे क्षेत्र में हर साल युवाओं के लिए प्रसिद्ध 'विधायक ट्रॉफी क्रिकेट प्रतियोगिता' का आयोजन भी कराते थे।

आक्रोशित समर्थकों ने न्याय की मांग को लेकर सोहागपुर में मुख्य सड़क पर चक्काजाम (Road Block) कर दिया। स्थिति तनावपूर्ण होते देख खुद एसपी साईं कृष्णा थोटा और थाना प्रभारी गिरीश त्रिपाठी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी, जिसके बाद जाम खुलवाया जा सका।

इस अंधे कत्ल का खुलासा करने के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह और एसडीओपी श्रेया चौहान के मार्गदर्शन में विशेष टीम बनाई गई थी, जिसने साइबर सेल की मदद से आरोपी को 24 घंटे के भीतर सलाखों के पीछे भेज दिया।

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