
नई दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में रिकॉर्ड नौवां केंद्रीय बजट 2026 पेश किया। अपने यूनियन बजट भाषण में उन्होंने शिक्षा, कृषि, रक्षा, टेक्नोलॉजी और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी कई अहम घोषणाएं कीं। बजट में उच्च शिक्षा के नए संस्थान स्थापित करने, यूनिवर्सिटी टाउनशिप विकसित करने और देश के हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनाने का प्रस्ताव रखा गया है।
वित्त मंत्री ने किसानों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए ‘भारत विस्तार’ नाम से वर्चुअली इंटीग्रेटेड एआई सिस्टम लॉन्च करने की घोषणा की। इसके साथ ही टेलीस्कोप इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने और रिसर्च सुविधाओं को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
बजट 2026 में रक्षा क्षेत्र के लिए अब तक का सबसे बड़ा आवंटन किया गया है। सरकार ने डिफेंस सेक्टर के लिए करीब 7.8 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जिससे सैन्य आधुनिकीकरण और राष्ट्रीय सुरक्षा को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
बजट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे “अपार अवसरों का हाईवे” बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट भारत की वैश्विक भूमिका को मजबूत करेगा और देश को जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में निर्णायक कदम है। प्रधानमंत्री ने बजट को विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के लिए ऐतिहासिक बताया और कहा कि इससे आत्मनिर्भर भारत को नई रफ्तार मिलेगी।
वहीं, विपक्ष ने बजट की आलोचना भी की है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे “दिशाहीन बजट” करार देते हुए कहा कि बजट के बाद शेयर बाजार गिरा और सेंसेक्स में भारी गिरावट दर्ज की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल को बजट में नजरअंदाज किया गया है।
कुल मिलाकर, बजट 2026 को सरकार भविष्य की अर्थव्यवस्था, शिक्षा, रक्षा और तकनीक के लिहाज से मजबूत कदम बता रही है, जबकि विपक्ष इसे असंतुलित और क्षेत्रीय उपेक्षा वाला बजट करार दे रहा है।
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