नई दिल्ली, 14 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने नीट-यूजी 2026 परीक्षा से संबंधित पेपर लीक मामले में कथित अनियमितताओं के सिलसिले में पिछले 24 घंटों में देश भर में 14 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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नई दिल्ली, 14 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने नीट-यूजी 2026 परीक्षा से संबंधित पेपर लीक मामले में कथित अनियमितताओं के सिलसिले में पिछले 24 घंटों में देश भर में 14 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
बता दें कि सीबीआई ने नीट-यूजी 2026 परीक्षा के पेपर लीक के संबंध में भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की शिकायत के आधार पर 12 मई 2026 को मामला दर्ज किया था।
इस सिलसिले में बुधवार को 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से 3 जयपुर से, 1 गुरुग्राम से और 1 नासिक से हैं।
सीबीआई की विशेष टीमों द्वारा 12 मई 2026 से चलाए जा रहे अभियान के क्रम में, पिछले 24 घंटों में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से एक पुणे का और दूसरा महाराष्ट्र के अहिल्यानगर का रहने वाला है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अहिल्यानगर निवासी धनंजय लोखंडा व पुणे निवासी मनीषा वाघमारे के रूप में हुई है।
कई अन्य संदिग्धों से पूछताछ जारी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। सीबीआई इस मामले से संबंधित सभी सुरागों का पीछा कर रही है। सीबीआई इस मामले में व्यापक, निष्पक्ष और पेशेवर जांच के लिए प्रतिबद्ध है।
इससे पहले 13 मई को सीबीआई ने नीट यूजी-2026 परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के बड़े मामले में तेज कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। एजेंसी ने देश भर में कई स्थानों पर छापेमारी भी की है और महत्वपूर्ण दस्तावेज व इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए।
सीबीआई के अनुसार, इस मामले में गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों में नासिक (महाराष्ट्र) का रहने वाला शुभम खैरनार, जयपुर (राजस्थान) के मांगीलाल बिवाल, विकास बिवाल, दिनेश बिवाल और गुरुग्राम (हरियाणा) का यश यादव शामिल हैं।
जांच एजेंसी ने यह मामला 12 मई 2026 को भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय (उच्च शिक्षा विभाग) की लिखित शिकायत पर दर्ज किया था। एफआईआर में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात समेत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
--आईएएनएस
एमएस/
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