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नोएडा सेक्टर-150 हादसा: 70 फीट गहरी खुदाई पर उठे सवाल, SIT ने प्राधिकरण और ट्रैफिक विभाग से मांगे जवाब

नोएडा: सेक्टर-150 में 16 जनवरी की रात सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की तालाबनुमा गड्ढे में डूबकर मौत के मामले में जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने नोएडा प्राधिकरण से तीखे सवाल पूछे हैं। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की रिपोर्ट के मुताबिक जिस प्लॉट में युवराज डूबा, वहां जलभराव सहित गहराई 55 से 70 फीट तक थी।

SIT ने प्राधिकरण से पूछा है कि सेक्टर के बीच इतनी गहराई तक खुदाई कैसे हुई, और यदि इसके लिए खनन विभाग से एनओसी ली गई थी तो उसका पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध कराया जाए।

जेई-एई ही नहीं, जीएम तक जिम्मेदारी तय करने की तैयारी

प्राधिकरण ने निगरानी के लिए वर्क सर्कल-10 के जेई और एई के नाम दिए हैं, लेकिन SIT ने अब जीएम और वरिष्ठ प्रबंधक स्तर तक जिम्मेदारी स्पष्ट करने को कहा है।
साथ ही सड़क सुरक्षा इंतजाम न होने पर नोएडा ट्रैफिक सेल से भी जिम्मेदार अधिकारियों के नाम मांगे गए हैं। प्राधिकरण की ओर से इन सवालों के जवाब भेजे जाने की सूचना है।

खनन एनओसी और सुरक्षा इंतजामों का हवाला

सूत्रों के मुताबिक प्राधिकरण ने गहरी खुदाई के लिए खनन विभाग की एनओसी का हवाला दिया है। यह भी दावा किया गया है कि सड़क पर सुरक्षा के इंतजाम मौजूद थे और संबंधित बिल्डर को नियोजन, वर्क सर्कल और जल विभाग की ओर से पत्र भेजे गए थे।

11 दिन में 250 से ज्यादा बयान दर्ज

SIT जांच को 11 दिन हो चुके हैं। अब तक 250 से अधिक पुलिस, प्रशासन और प्राधिकरण के अधिकारियों-कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। सभी विभागों के करीब 12 अधिकारी-कर्मचारी जांच के दायरे में हैं।
SIT प्राथमिक रिपोर्ट शासन को सौंप चुकी है, अब जिम्मेदारी तय करने के लिए जवाबों को और स्पष्ट किया जा रहा है।

12 मंजिला मॉल का पास था नक्शा

हादसा स्थल स्पोर्ट्स सिटी के प्लॉट नंबर-2 में स्थित ए-3 प्लॉट है।
नोएडा प्राधिकरण ने 2017 में यहां 12 मंजिला इमारत (मॉल) का नक्शा पास किया था। इसमें:

एक बेसमेंट (644 वाहनों की पार्किंग),

भूतल और प्रथम तल पर वाणिज्यिक उपयोग,

ऊपर के तल खेल गतिविधियों के लिए,

1,003 वर्ग मीटर हरित क्षेत्र और 200 पौधों का प्रावधान शामिल था।

बिल्डर ने पहले खुदाई करवाई, बाद में उपयोग में बदलाव के लिए आवेदन किया, जिसे प्राधिकरण ने 2022 में खारिज कर दिया था।

रिपोर्ट सार्वजनिक होने का इंतजार

युवराज के परिजन, दोस्त और सेक्टर-150 के निवासी अब भी SIT रिपोर्ट के सार्वजनिक होने का इंतजार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय समिति को पांच दिन में रिपोर्ट देनी थी, लेकिन अब तक रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हो सकी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह हादसा सिर्फ एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल है। समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो ऐसे हादसे दोहराए जा सकते हैं।

परिवार को न्याय की उम्मीद

युवराज की बहन फिलहाल यूके में हैं और उनके अगले सप्ताह भारत लौटने की संभावना है। इसके बाद परिवार आगे की कानूनी कार्रवाई पर फैसला ले सकता है।
परिजनों को उम्मीद है कि SIT रिपोर्ट सामने आने के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी और सच सबके सामने आएगा।

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