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पहले और आज के भारत में बड़ा अंतर, इस देश को चलाना आसान नहीं : मोरक्को के राजदूत


नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत में मोरक्को के राजदूत मोहम्मद मलिकी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वैश्विक नेता बताते हुए उनके नेतृत्व की तारीफ की। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी से पहले के भारत और आज के भारत की तुलना करें तो अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के बढ़ते प्रभाव को साफ देखा जा सकता है। विशाल, विविधतापूर्ण और बहु-धार्मिक समाज वाले भारत जैसे देश को चलाने के लिए विशेष क्षमता और दूरदृष्टि चाहिए और भारत ने उल्लेखनीय प्रगति की है।

नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत में मोरक्को के राजदूत मोहम्मद मलिकी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वैश्विक नेता बताते हुए उनके नेतृत्व की तारीफ की। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी से पहले के भारत और आज के भारत की तुलना करें तो अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के बढ़ते प्रभाव को साफ देखा जा सकता है। विशाल, विविधतापूर्ण और बहु-धार्मिक समाज वाले भारत जैसे देश को चलाने के लिए विशेष क्षमता और दूरदृष्टि चाहिए और भारत ने उल्लेखनीय प्रगति की है।

सवाल: रक्षा, आतंकवाद-रोधी प्रयासों और समुद्री सुरक्षा में भारत और मोरक्को के बीच सहयोग बढ़ाने की क्या संभावनाएं हैं?

जवाब: मेरा मानना है कि हम पहले से ही इन क्षेत्रों में सहयोग कर रहे हैं। आतंकवाद-रोधी प्रयासों और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में हमारा गंभीर सहयोग है। समुद्री सुरक्षा को लेकर हमने संयुक्त अभ्यास भी किए हैं। मेरे विचार से इसका सबसे महत्वपूर्ण और रणनीतिक पहलू मोरक्को में रक्षा उत्पादन सुविधाओं की स्थापना है। वहां पहले से संचालित इकाई भारत और मोरक्को, दोनों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। भारत के लिए यह देश के बाहर रक्षा उपकरणों के उत्पादन की पहली इकाइयों में से एक है, जबकि मोरक्को के लिए यह अपनी रक्षा आत्मनिर्भरता और संप्रभुता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस सहयोग के लिए भारत से बेहतर मित्र देश कौन हो सकता है? पिछले वर्ष हमने एक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें संवाद, बैठकों और समन्वय के लिए कार्यसमूह के गठन समेत कई क्षेत्रों को शामिल किया गया है। मेरा मानना है कि इस कार्यसमूह की बैठक पिछले सितंबर में हुई थी। मेरे लिए रक्षा सहयोग, देशों के बीच भरोसे के सर्वोच्च स्तर का प्रतीक है। यह दोनों देशों को स्वाभाविक रूप से एक रणनीतिक साझेदारी की दिशा में आगे बढ़ाता है। साथ ही यह इस संभावना को भी दर्शाता है कि भारत यूरोप, अफ्रीका और दुनिया के अन्य हिस्सों के लिए रक्षा उपकरणों का एक प्रमुख आपूर्तिकर्ता बन सकता है। हाल के मराकेश एयर शो में भी यह सहयोग प्रमुखता से दिखाई दिया। "दुनिया के लिए भारत द्वारा मोरक्को में निर्मित" का विचार आज पहले से कहीं अधिक वास्तविक प्रतीत होता है। टाटा इकाई के उद्घाटन के बाद भारतीय उद्योग जगत को यह संदेश गया है कि मोरक्को निवेश के लिए एक अनुकूल वातावरण प्रदान करता है। हमने अन्य कंपनियों की भी इस दिशा में बढ़ती रुचि देखी है। इसलिए मेरा मानना है कि रक्षा, समुद्री सुरक्षा और अन्य संबंधित क्षेत्रों में सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और लगातार बढ़ रहे हैं, क्योंकि हम न केवल भरोसेमंद साझेदार हैं बल्कि घनिष्ठ मित्र भी हैं।

सवाल: वैश्विक दक्षिण में भारत की बढ़ती भूमिका को मोरक्को किस नजर से देखता है?

जवाब: मेरा मानना है कि सभी इस बात से भली-भांति परिचित हैं कि भारत वैश्विक दक्षिण की एक महत्वपूर्ण आवाज है। भारत हमेशा अफ्रीकी देशों के साथ खड़ा रहा है, विशेषकर उनके स्वतंत्रता संघर्षों के दौरान। भारत की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण तब दिखाई दी, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी-20 में अफ्रीकी संघ को स्थायी सदस्यता दिलाने के प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इससे अफ्रीका को वैश्विक आर्थिक निर्णय-निर्माण प्रक्रिया में एक अधिक सशक्त मंच मिला। आज भारत दुनिया की प्रमुख आर्थिक शक्तियों में से एक है और बहुत जल्द दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की संभावना रखता है। इसलिए उसकी आवाज अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अधिक प्रभावशाली ढंग से सुनी जाती है। संयुक्त राष्ट्र सहित विभिन्न वैश्विक संस्थानों में भारत की भूमिका लगातार बढ़ रही है। मोरक्को ने हमेशा भारत का समर्थन किया है और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता का भी समर्थन करता रहेगा। हमारा मानना है कि सुरक्षा परिषद को आज की वैश्विक वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित करना चाहिए, जो इसके गठन के समय की परिस्थितियों से काफी भिन्न हैं। मोरक्को और भारत अपने-अपने क्षेत्रों की दो विश्वसनीय आवाजें हैं। यदि दोनों देश वैश्विक दक्षिण के हितों के लिए मिलकर काम करें, तो उनका प्रभाव और अधिक मजबूत होगा।

सवाल: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और नई तकनीकों के क्षेत्र में भारत और अफ्रीका के बीच सहयोग को आप कैसे देखते हैं?

जवाब: मैं यहां एआई जैसे महत्वपूर्ण विषय का उल्लेख करना चाहूंगा। यह एक नई तकनीकी क्रांति है और मेरा मानना है कि भारत को अफ्रीकी देशों की मदद करनी चाहिए ताकि वे इस परिवर्तन से पीछे न रह जाएं। मोरक्को सहित कई देशों ने इस दिशा में सकारात्मक प्रयास किए हैं। अफ्रीका और भारत दुनिया को दुर्लभ खनिज उपलब्ध कराते हैं, जो नई तकनीकों के लिए आवश्यक हैं, लेकिन अक्सर वही देश इन तकनीकों को बाद में कहीं अधिक कीमत पर खरीदते हैं। ऐसे में भारत अफ्रीकी देशों को नई तकनीकों, नवाचारों और डिजिटल संसाधनों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। यदि एआई का जिम्मेदारी और समावेशी दृष्टिकोण के साथ उपयोग किया जाए, तो यह रोजगार सृजन, पारदर्शिता और भ्रष्टाचार में कमी लाने में मदद कर सकता है।

सवाल: गाजा की स्थिति पर आपका क्या विचार है?

जवाब: यह वास्तव में बेहद दुखद और गंभीर स्थिति है। हालात को इस स्तर तक नहीं पहुंचने देना चाहिए था। हर युद्ध में सैनिकों की मृत्यु दुखद होती है, लेकिन बड़ी संख्या में बच्चों और परिवारों को प्रभावित होते देखना और एक ऐसे शहर को लगभग पूरी तरह तबाह होते देखना, जो कुछ वर्ष पहले तक जीवंत था, अत्यंत पीड़ादायक है। राजा मोहम्मद VI ने पहले कहा था कि ऐसा लगता है मानो मानवता की नैतिकता समाप्त हो गई हो। मुझे आशा है कि वह नैतिकता फिर लौटेगी, क्योंकि हर चीज की एक सीमा होती है।

सवाल: क्या आने वाले दिनों में कोई मंत्री भारत का दौरा करेगा?

जवाब: हमने हाल ही में मोरक्को की पहली महिला प्रधानमंत्री फातिमा अल मंसूरी के नेतृत्व में नई सरकार का गठन किया है और वर्तमान में नई सरकार बजट संबंधी तैयारियों में व्यस्त है। पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच 42 से अधिक मंत्रिस्तरीय दौरे हो चुके हैं। यह न केवल दोनों देशों के बढ़ते महत्व को दर्शाता है बल्कि सहयोग के उच्च स्तर को भी प्रतिबिंबित करता है। नई सरकार के गठन के कारण मैं इस समय किसी विशेष यात्रा की पुष्टि नहीं कर सकता। लेकिन मैं आश्वस्त हूं कि भविष्य में भी उच्चस्तरीय दौरे जारी रहेंगे, जैसा कि पिछले वर्षों में होता रहा है।

सवाल: आप प्रधानमंत्री मोदी को एक वैश्विक नेता के रूप में कैसे देखते हैं?

जवाब: भारत की भूमिका को लेकर जो बातें मैंने पहले कही हैं, वे यहां भी लागू होती हैं। प्रधानमंत्री मोदी को एक वैश्विक नेता के रूप में देखा जाता है, क्योंकि भारत अपने आकार, जनसंख्या, अर्थव्यवस्था और वैश्विक प्रभाव के कारण महत्वपूर्ण है। साथ ही नेतृत्व की भूमिका भी इसमें अहम है। यदि कोई पीएम मोदी के नेतृत्व से पहले के भारत और आज के भारत की तुलना करे, तो अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के बढ़ते प्रभाव को स्पष्ट रूप से देख सकता है। एक मजबूत अर्थव्यवस्था किसी भी देश को राजनीतिक और रणनीतिक रूप से अधिक प्रभावशाली बनाती है। इसी कारण भारत की वैश्विक भूमिका और अधिक मजबूत हुई है। हमारे भारत के साथ उत्कृष्ट संबंध हैं। राजा मोहम्मद VI के मन में भारत के प्रति विशेष सम्मान और स्नेह है।

सवाल: प्रधानमंत्री मोदी ने सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे किए हैं। आप इसका आकलन कैसे करते हैं?

जवाब: मैं एक राजनयिक हूं, इसलिए किसी देश के आंतरिक राजनीतिक मामलों पर टिप्पणी करना मेरे लिए उचित नहीं होगा। हालांकि, मैं भारत की प्रगति और वैश्विक स्तर पर उसके बढ़ते महत्व को अवश्य देख सकता हूं। यह प्रगति उल्लेखनीय है और कई दृष्टियों से अत्यंत महत्वपूर्ण भी। भारत जैसा विशाल, विविधतापूर्ण और बहुधार्मिक समाज वाला देश चलाना आसान नहीं है। ऐसे देश के नेतृत्व के लिए विशेष क्षमता और दूरदृष्टि की आवश्यकता होती है। मेरे विचार से भारत ने महत्वपूर्ण प्रगति की है, और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भारतीय जनता अपने नेतृत्व से संतुष्ट दिखाई देती है।

--आईएएनएस

केके/एबीएम

Date & Time : 2026-10-29 22:10:04

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