
पन्ना। मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के अमानगंज क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पाठा गांव से साहस और संघर्ष की एक हैरान कर देने वाली कहानी सामने आई है। यहाँ शनिवार (27 जून) को जंगल में एक जंगली भालू ने 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला पर जानलेवा हमला कर दिया। भालू के बर्बर हमले में गंभीर रूप से घायल और अचेत होने के बावजूद, महिला ने होश में आने पर करीब 2 किलोमीटर पैदल चलकर अपनी जान बचाई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पाठा गांव की रहने वाली हल्की बाई (65 वर्ष), पति लखन सिंह, शनिवार को गांव से लगे जंगल में शौच के लिए गई थीं। इसी दौरान झाड़ियों से निकले एक खूंखार जंगली भालू ने उन पर अचानक हमला बोल दिया। भालू ने महिला के सिर, हाथ, पैर और सीने पर अपने पंजों व दांतों से कई वार किए। इस जानलेवा हमले में महिला गंभीर रूप से जख्मी हो गईं और अत्यधिक खून बह जाने के कारण मौके पर ही बेहोश हो गईं। महिला को अचेत अवस्था में देखकर भालू उन्हें मरा हुआ समझकर वहां से चला गया।
हल्की बाई की बहू प्रभा रानी ने बताया कि जब उनकी सास को जंगल में होश आया, तो चारों तरफ सन्नाटा था और वे बुरी तरह लहूलुहान थीं। ऐसी गंभीर स्थिति और असहनीय दर्द के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। वे हिम्मत जुटाकर खड़ी हुईं और जंगल के कटीले रास्तों से करीब 2 किलोमीटर तक पैदल चलकर मुख्य मार्ग (सड़क) तक पहुंचीं। वहाँ से गुजर रहे राहगीरों को जब उन्होंने आपबीती सुनाई, तो राहगीरों ने तुरंत उनके परिजनों को घटना की सूचना दी।
परिजनों ने बिना वक्त गंवाए हल्की बाई को तुरंत पन्ना जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया, जहाँ डॉक्टरों की टीम उनकी देखरेख में इलाज कर रही है। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम भी मुस्तैदी दिखाते हुए जिला अस्पताल पहुंची। वन अधिकारियों ने महिला के समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित कराई और त्वरित राहत के तौर पर मौके पर ही परिजनों को प्राथमिक सहायता राशि प्रदान की। वन विभाग ने ग्रामीणों को अकेले जंगल की तरफ न जाने की सलाह दी है।
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