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प्रियंका गांधी का केंद्र पर तीखा प्रहार: 'सीटें बढ़ाना सत्ता में बने रहने की साजिश थी', बिल गिराकर विपक्ष ने लोकतंत्र को बचाया

नई दिल्ली. महिला आरक्षण और सीटों के परिसीमन को लेकर लोकसभा में कल हुए हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद आज कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के गिरने को लोकतंत्र की बड़ी जीत करार दिया और सरकार पर 'साजिश' रचने का आरोप लगाया।

'सत्ता में बने रहने के लिए महिलाओं का इस्तेमाल'

प्रियंका गांधी ने कहा कि सरकार परिसीमन और सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने के जरिए केवल अपनी सत्ता सुरक्षित करना चाहती थी। उन्होंने कहा:

"लोकसभा में सीटें बढ़ाने का यह बिल असल में महिलाओं के लिए नहीं, बल्कि सत्ता में बने रहने की एक साजिश थी। यह सब महिलाओं के नाम पर किया जा रहा था ताकि सरकार को 2029 और उसके बाद भी राज करने की स्वतंत्रता मिल सके। मैं खुश हूँ कि विपक्ष ने एकजुट होकर इसका विरोध किया।"

'हमें महिला विरोधी कहकर मसीहा नहीं बन सकते'

विधेयक गिरने के बाद बीजेपी द्वारा विपक्ष को 'महिला विरोधी' बताए जाने पर प्रियंका ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने सोचा था कि बिल पास हुआ तो उनकी जीत होगी और अगर गिर गया तो वे विपक्ष को महिला विरोधी साबित कर खुद 'मसीहा' बन जाएंगे। प्रियंका ने दो टूक कहा कि जनता अब इनकी मंशा समझ चुकी है और वे इस तरह मसीहा नहीं बन सकते।

प्रधानमंत्री के भाषण पर जताई हैरानी

प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री के सदन में दिए गए भाषण का जिक्र करते हुए कहा कि पीएम की बातों ने हमें चौंका दिया। उन्होंने कहा:

  • पीएम ने बार-बार कहा कि अगर आप सहमत नहीं हैं तो यहाँ नहीं बैठ सकते।

  • यह सीधे तौर पर विपक्ष को डराने और दबाव बनाने की कोशिश थी।

  • सरकार की मंशा महिलाओं को हक देने की नहीं, बल्कि परिसीमन के जरिए राजनीतिक लाभ लेने की थी।

विपक्ष के लिए 'जीत', सरकार के लिए 'ब्लैक डे'

प्रियंका ने किरेन रिजिजू के 'ब्लैक डे' वाले बयान पर तंज कसते हुए कहा कि यह काला दिन सिर्फ उनके (सरकार) के लिए है क्योंकि उन्हें इस बात का धक्का लगा है कि विपक्ष ने उनकी साजिश को कैसे नाकाम कर दिया।

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