
नई दिल्ली. आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर मचे घमासान ने अब नया मोड़ ले लिया है. राज्यसभा में 'डिप्टी लीडर' के पद से हटाए जाने के ठीक एक दिन बाद, सांसद राघव चड्ढा ने शुक्रवार सुबह एक भावुक और हमलावर वीडियो संदेश जारी किया है. चड्ढा ने सीधे तौर पर अपनी ही पार्टी पर उनकी आवाज दबाने का आरोप लगाया है.
'क्या जनता के मुद्दे उठाना अपराध है?'
सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में राघव ने सवाल किया कि क्या मिडिल क्लास और आम आदमी की समस्याओं को संसद में उठाना कोई जुर्म है? उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को लिखित में सूचित किया है कि अब उन्हें (राघव को) सदन में बोलने का मौका न दिया जाए. चड्ढा ने कहा, "आज मेरी ही पार्टी मुझे संसद में बोलने से रोकना चाहती है, लेकिन क्यों?"
इन मुद्दों का किया जिक्र
राघव ने उन प्रमुख मुद्दों को गिनाया जिन्हें उन्होंने हाल के सत्रों में उठाया था:
एयरपोर्ट पर महंगे खाने और टोल प्लाजा की 'लूट'.
जोमैटो-ब्लिंकिट डिलीवरी राइडर्स की समस्याएं.
टेलीकॉम कंपनियों द्वारा 28 दिन के रिचार्ज का खेल और डेटा रोलओवर न देना.
कंटेंट क्रिएटर्स और मिडिल क्लास पर टैक्स का बोझ.
मेरी खामोशी को हार मत समझना
अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए राघव ने भावुक अपील की और कहा कि जनता का प्यार ही उनकी असली ताकत है. उन्होंने विरोधियों (पार्टी नेतृत्व की ओर इशारा करते हुए) को चेतावनी दी, "जिन्होंने आज मेरे बोलने के अधिकार को छीन लिया है, वे जान लें कि मेरी खामोशी को मेरी हार समझने की गलती न करें. मैं खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं."
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