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राहुल गांधी का लोकसभा में तंज: 'पीएम और मेरी तो पत्नी नहीं', महिला बिल पर चर्चा के दौरान हंसी का तड़का

नई दिल्ली: लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के दौरान उस समय माहौल काफी हल्का हो गया, जब राहुल गांधी ने एक दिलचस्प टिप्पणी की। महिलाओं की भूमिका पर बोलते हुए राहुल गांधी ने चुटकी लेते हुए कहा कि जीवन में मां, बहन और पत्नी का बड़ा योगदान होता है। इसके बाद उन्होंने हंसते हुए जोड़ा, "लेकिन पीएम और मेरी तो पत्नी ही नहीं हैं।" इस राहुल गांधी लोकसभा भाषण के दौरान सदन ठहाकों से गूंज उठा। गंभीर बहस के बीच इस मजाकिया पल ने सांसदों के चेहरे पर मुस्कान ला दी।

महिला सशक्तिकरण और प्रियंका गांधी की सराहना

हंसी-मजाक के बाद राहुल गांधी ने अपनी बात गंभीरता से सदन के सामने रखी। उन्होंने कहा कि महिलाएं आज देश की ड्राइविंग फोर्स बन चुकी हैं। उन्होंने अपनी बहन प्रियंका गांधी की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने बहुत कम समय में प्रभावशाली तरीके से अपनी बात रखी है। राहुल गांधी ने अपनी दादी इंदिरा गांधी को याद करते हुए बताया कि उन्होंने ही उन्हें निडरता और सत्य का मार्ग सिखाया। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाओं की भागीदारी के बिना देश की प्रगति अधूरी है।

आरक्षण बिल की आड़ में राजनीतिक एजेंडे का आरोप

भाषण के दौरान राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण बिल के नाम पर अपना राजनीतिक फायदा देख रही है। इस राहुल गांधी लोकसभा भाषण में उन्होंने दावा किया कि बीजेपी अपनी घटती ताकत के डर से चुनावी माहौल बदलने की कोशिश कर रही है। उन्होंने मांग की कि साल 2023 में पास हुए बिल के बजाय पुराने बिल को वापस लाया जाए। राहुल के अनुसार, वर्तमान बिल जाति जनगणना जैसे जरूरी मुद्दों से ध्यान भटकाने की एक कोशिश है।

डीलिमिटेशन और ओबीसी प्रतिनिधित्व पर सवाल

राहुल गांधी ने डीलिमिटेशन (परिसिमन) के मुद्दे पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इससे दक्षिण भारत के राज्यों का प्रतिनिधित्व कम हो सकता है। उन्होंने इस कदम को 'एंटी-नेशनल' बताते हुए कांग्रेस की ओर से विरोध दर्ज कराया। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि देश की न्यायपालिका और नौकरशाही में दलित और ओबीसी वर्ग को बराबर का हिस्सा क्यों नहीं मिल रहा है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि महिलाओं के साथ-साथ पिछड़े वर्गों को भी उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए।

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