
बेंगलुरु: कर्नाटक की एक विशेष अदालत ने भाजपा नेता योगेश गौड़ा की हत्या के मामले में शुक्रवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। बेंगलुरु की एमएलए/एमपी विशेष अदालत ने कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री विनय कुलकर्णी समेत 16 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने इन सभी को हत्या और आपराधिक साजिश रचने का दोषी पाया है। इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर 30,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। इस योगेश गौड़ा हत्याकांड ने कर्नाटक की राजनीति में हड़कंप मचा दिया है।
सीबीआई की जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ था कि योगेश गौड़ा की हत्या बेहद क्रूर तरीके से की गई थी। वारदात के वक्त हमलावरों ने उनकी आंखों में मिर्च पाउडर डाला था ताकि वे बचाव न कर सकें। इसके बाद धारदार हथियारों से उनकी जान ले ली गई। अभियोजन पक्ष ने अदालत में दलील दी कि यह राजनीतिक दुश्मनी के कारण की गई एक सुनियोजित साजिश थी। शुरुआत में कुछ अन्य लोगों ने आत्मसमर्पण कर मामले को गुमराह करने की कोशिश की थी, लेकिन सीबीआई जांच ने असली चेहरों को बेनकाब कर दिया।
अदालत में सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि विधायक विनय कुलकर्णी ने अपने पद का दुरुपयोग किया। उन्होंने पुलिस तंत्र को प्रभावित करने और सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की थी। मामले में दस्तावेजों को फर्जी बनाने के प्रयास भी किए गए थे। योगेश गौड़ा हत्याकांड में कुलकर्णी को आरोपी नंबर 15 बनाया गया था। सीबीआई ने लंबी जांच के बाद साबित किया कि विधायक ही इस पूरी साजिश के मुख्य सूत्रधारों में से एक थे।
शुक्रवार को जब न्यायाधीश संतोष गजानन भट्ट ने सजा का ऐलान किया, तो अदालत परिसर में काफी भावुक दृश्य देखने को मिले। दोषियों के परिजन बड़ी संख्या में मौजूद थे और सजा सुनते ही कई लोग फूट-फूटकर रोने लगे। विनय कुलकर्णी खुद भी अपने परिवार को ढांढस बंधाते नजर आए। वर्तमान में कर्नाटक अर्बन वाटर सप्लाई एंड ड्रेनेज बोर्ड के अध्यक्ष कुलकर्णी के लिए यह बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। अब सभी दोषियों को जेल भेजने की वैधानिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
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