नई दिल्ली, 2 नवंबर (आईएएनएस)। दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडी गठबंधन की रैली के बाद देश की सियासत में बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं ने रैली को ऐतिहासिक बताते हुए इसे देश में बदलाव की आवाज बताया है। वहीं, केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के बयानों पर भी सपा नेताओं ने प्रतिक्रिया दी है।
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नई दिल्ली, 2 नवंबर (आईएएनएस)। दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडी गठबंधन की रैली के बाद देश की सियासत में बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं ने रैली को ऐतिहासिक बताते हुए इसे देश में बदलाव की आवाज बताया है। वहीं, केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के बयानों पर भी सपा नेताओं ने प्रतिक्रिया दी है।
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने रामलीला मैदान में हुई रैली को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इसमें उमड़ी भीड़ किसी एक पार्टी, व्यक्ति या समाज के किसी विशेष वर्ग की नहीं थी, बल्कि यह पूरे देश और आम लोगों की आवाज थी। यह भीड़ बदलाव की आवाज बनकर रामलीला मैदान पहुंची थी। रैली किसी के खिलाफ या किसी को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित नहीं की गई थी, बल्कि यह एक विशाल जनसभा में तब्दील हो गई। मैदान में पैर रखने तक की जगह नहीं बची थी और सड़कों पर भी भारी भीड़ मौजूद थी।
उन्होंने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बदलाव प्रकृति का नियम है। जब बदलाव की हवा चलने लगती है तो परिवर्तन होना तय हो जाता है। आने वाले समय में बदलाव जरूर होगा और इंडी गठबंधन का अपना प्रधानमंत्री होगा।
उन्होंने कहा कि गठबंधन जिसे भी अपना नेता चुनेगा, वही प्रधानमंत्री बनेगा। यह चेहरा राहुल गांधी या समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव हो सकते हैं। इस संबंध में अंतिम फैसला चुनाव जीतने के बाद इंडी गठबंधन के नेता मिलकर करेंगे।
वहीं, सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को उत्तर प्रदेश का अच्छा नेता बताया, लेकिन आरोप लगाया कि भाजपा की आंतरिक राजनीति के कारण उन्हें किनारे कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि केशव प्रसाद मौर्य को 'शैडो प्रधानमंत्री' या 'शैडो मुख्यमंत्री' जैसी बातों में उलझने के बजाय चुनाव जीतने पर ध्यान देना चाहिए।
आशुतोष वर्मा ने कहा कि हाल के चुनावों में उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिली है और उन्हें अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में काम करना चाहिए।
सपा सांसद रामजीलाल सुमन ने भी केशव प्रसाद मौर्य पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव वास्तविक मुख्यमंत्री रहे हैं और अगर राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनते हैं तो वह वास्तविक प्रधानमंत्री होंगे। इसके विपरीत, उन्होंने केशव प्रसाद मौर्य को 'नकली उपमुख्यमंत्री' बताते हुए कहा कि वह विधानसभा चुनाव हार गए थे, लेकिन दूसरों पर टिप्पणी करते रहते हैं। उन्होंने मौर्य के जनाधार पर भी सवाल उठाए और कहा कि जिन लोगों का अपना दामन साफ नहीं है, उन्हें दूसरों पर आरोप लगाने के बजाय अपने आचरण में सुधार करना चाहिए।
सपा विधायक संग्राम यादव ने भी केशव प्रसाद मौर्य पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि मौर्य की बातों को कोई गंभीरता से नहीं लेता है और उन्हें कोई तवज्जो नहीं देता है। संग्राम यादव ने उन्हें हारा हुआ और कृपा पात्र मंत्री बताया। उन्होंने दिल्ली में हुई इंडी गठबंधन की रैली का जिक्र करते हुए कहा कि देश के नौजवान लोकतंत्र, संविधान और मतदान के अधिकार को बचाने के लिए बड़ी संख्या में जुटे थे। पूरी दुनिया ने इस जनसमूह को देखा है।
संग्राम यादव ने आगे कहा कि देश के लोगों को अखिलेश यादव पर भरोसा है। अखिलेश यादव पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) की एक मजबूत आवाज बनकर उभरे हैं। उनके नाम और समाजवादी पार्टी के चुनाव चिह्न पर उम्मीदवार बड़ी जीत हासिल कर रहे हैं।
--आईएएनएस
एसएके/डीकेपी
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