
मैहर। शारदीय नवरात्र के सातवें दिन रामनगर नगर परिषद क्षेत्र ही नहीं, बल्कि गांव-गांव तक मातारानी की धूम मची हुई है। वार्ड नंबर 01 पगरा रामनगर में नव युवक दुर्गा समिति द्वारा स्थापित मां महाकाली के दरबार में आराधना अपने चरम पर है और अब यह भक्ति गांवों तक पहुंच गई है।
पंडाल का नजारा देखते ही बनता है। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-पाठ, आरती और दुर्गा सप्तशती के स्त्रोतों से पूरा वातावरण गुंजायमान हो रहा है। एक तरफ पंडित जी वैदिक विधि से मां काली की आराधना करा रहे हैं, तो दूसरी तरफ ढोलक-मंजीरे और हारमोनियम पर भजन मंडली "जय माता दी" के भजनों से माहौल को भक्तिमय बनाए हुए है।

काली खप्पर ने बांधा समां
तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि हरे कालीन पर काले वस्त्र धारण किए हुए कलाकार काली खप्पर लेकर नृत्य कर रहे हैं। माथे पर सिंदूर, गले में गेंदे की माला, हाथ में खप्पर लिए जब वे मंच पर आते हैं तो श्रद्धालु भाव-विभोर हो जाते हैं। धूप-धुएं, शंख और घंटियों की आवाज के बीच पूरा क्षेत्र माता के जयकारों से गूंज रहा है।

श्रद्धालुओं की अपार भीड़, गांवों से आ रहे दर्शनार्थी
पंडाल में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की अपार भीड़ उमड़ रही है। महिलाएं आंचल में बच्चे लिए, सिर पर चुनरी रखे मातारानी के दर्शन कर रही हैं। पुरुष वर्ग दरी पर बैठकर भजन-कीर्तन का आनंद ले रहा है। रामनगर के साथ-साथ आसपास के गांव पगरा, छिरहाई, बदौरा, जिगना से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त रोजाना दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
समिति के आयोजकों ने बताया कि नवरात्र के नौ दिनों तक प्रतिदिन सुबह वैदिक पूजा, दोपहर में पाठ और शाम को भव्य आरती और काली खप्पर का विशेष आयोजन किया जा रहा है। नवरात्र के सातवें दिन मां कालरात्रि के स्वरूप में मां महाकाली की विशेष आराधना की गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मां की कृपा से पूरे क्षेत्र में सुख-समृद्धि बनी हुई है, इसलिए गांवों तक मातारानी की धूम है और हर गली-मोहल्ला आरती और स्त्रोतों से गूंज रहा है।


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