
मैहर। बांधवगढ़ का सिंगल हाथी E-5 पिछले 15 दिनों से रामनगर रेंज के लिए सिरदर्द बना हुआ है। 07 सितंबर को पुरैना सिंहपुर-मौहारी में एंट्री के बाद से लगातार उत्पात मचा रहा है।
विगत रात गैलहरी नई बस्ती के बाद गोरसरी खुर्द में E-5 ने जमकर आतंक मचाया। कच्चे मकान की ईंट की दीवार तोड़ दी, घर में रखा अनाज, बर्तन और गृहस्थी का सामान रौंद दिया। वीडियो में टूटी दीवार और बिखरा अनाज चीख-चीख कर कहानी कह रहा है। वर्तमान में E-5 की लोकेशन गोरसरी जंगल में बताई जा रही है।
लेकिन असली सवाल हाथी नहीं, हम हैं।

1. खतरे में बसेरा: जिन घरों को हाथी तोड़ रहा है, वे लगभग सभी जंगल के रेढ़े (कोर कॉरिडोर) में बने हैं। वही खेत, वही खलिहान — जहां रात-दिन हाथी का खतरा है।
2. सरकार डाल रही जान खतरे में: ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार जंगल में पट्टा बांटकर आम जन का जीवन खतरे में डाल रही है। जंगल की जमीन पर बसाहट कराकर लोगों को हाथी के सामने परोस दिया गया है।
3. आम ही नहीं खास भी: इस वन्य इलाके में सिर्फ गरीब नहीं, आम व खास जन भी शरण ले रहे हैं। कोई मजबूरी में तो कोई फार्महाउस और खेती के नाम पर जंगल को घेर रहा है।
वन विभाग की टीम मौके पर निगरानी कर रही है, पर सच्चाई यही है — जंगल में अतिक्रमण का इनाम अब मिलना शुरू हो गया है। इंसान आज तक प्रकृति से दोस्ती नहीं कर पाया, और E-5 हर रात इसी बात का एहसास करा कर वापस जंगल में लौट जाता है।
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