रामनगर, न्यू सेठी इंडेन की मनमानी, 60 दिन बाद भी नहीं मिला सिलेंडर
रामनगर। स्थित न्यू सेठी इंडेन गैस एजेंसी के साथ ग्राहकों का छलावा और मजाक जारी है। तथाकथित ऑटोमेटेड रिफिल बुकिंग सेवा पूरी तरह दिवालिया निकल चुकी है। 45-50 दिनों बाद भी रिफिल बुकिंग नहीं हो पा रही है और ऑनलाइन पेमेंट के बाद भी 55-60 दिनों बाद सिलेंडर उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंच पा रहा। होम डिलीवरी सेवा तो पूरी तरह बंद हो चुकी है।
उपभोक्ता की शिकायत
घरेलू गैस उपभोक्ता अनुज प्रताप तिवारी ने बताया कि उन्होंने 25 अप्रैल 2026 को गैस रिफिल के लिए ऑनलाइन भुगतान किया था। लेकिन आज 4 मई 2026 तक गैस सिलेंडर नहीं मिल पाया। एजेंसी द्वारा कोई जानकारी भी नहीं दी जा रही है। उनके मोबाइल पर आया मैसेज:
"Your order is delivered with invoice no. 5-106130133921. Next available booking date is 21-Apr-2026." "Dear Customer, Thank you for reaching out to us. Eligible Indane customer will receive Booking Ref. No. within 4 hrs."
लेकिन 4 घंटे नहीं, 10 दिन बीत चुके हैं और अब तक कोई रेफरेंस नंबर या सिलेंडर नहीं मिला।
एजेंसी की गैरजिम्मेदारी
एजेंसी के प्रबंधक से लेकर कर्मचारी तक उपभोक्ताओं का फोन नहीं उठाते। किसी भी शिकायत या जानकारी के लिए मोबाइल रिसीव नहीं किया जा रहा। उपभोक्ताओं की कोई सुनवाई नहीं हो पा रही है। आलम यह है कि 21 अप्रैल 2026 की अगली बुकिंग तारीख वाले उपभोक्ताओं को आज 4 मई को भी 4 घंटे बाद रेफरेंस देने का संदेश आ रहा है।
होटल-ठेले वालों को रिफिल, घरेलू उपभोक्ता भूखे
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि नगर के होटल/ठेले वालों को हर तीसरे-दूसरे दिन गैस सिलेंडर मिल रहे हैं, जबकि घरेलू उपभोक्ता 60 दिनों से इंतजार कर रहे हैं। इस संबंध में कोई कार्रवाई या सुनवाई होना तो दूर की बात है।
खाद्य अधिकारी भी खामोश
खाद्य व नागरिक आपूर्ति अधिकारी विभाग की केवल शोभा बने हुए हैं। जनता की समस्याओं से उनका कोई सरोकार नहीं। शिकायत या जानकारी के लिए न तो मोबाइल रिसीव करते हैं और न ही कोई जानकारी देते हैं। आरोप है कि सत्ताधारी दल की सरपरस्ती में एजेंसी संचालकों को मनमानी करने की विशेष छूट मिली हुई है।
उपभोक्ताओं की मांग
त्रस्त उपभोक्ताओं ने मांग की है:
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तुरंत सिलेंडर डिलीवरी सुनिश्चित की जाए
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ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था दुरुस्त की जाए
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एजेंसी प्रबंधक और कर्मचारियों पर कार्रवाई हो
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खाद्य अधिकारी को जवाबदेह बनाया जाए
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घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं में भेदभाव बंद हो
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