
मैहर। नगर परिषद रामनगर द्वारा लाखों रुपए खर्च कर नगर के सौंदर्यीकरण के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन मुख्य मार्ग थाना चौराहे की ये दो तस्वीरें उन दावों की पोल खोल रही हैं।
मुख्य मार्ग पर थाने के सामने सड़क के बीच बनाए गए डिवाइडर / नाले की हालत देखिए। पूरा डिवाइडर पॉलिथीन, पानी की बोतलों, पूजा सामग्री, जूते-चप्पल, खाने के पैकेट और घर के कचरे से अटा पड़ा है। नाले में पानी की निकासी बंद है, गंदा पानी सड़ रहा है, बदबू और मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है।
नगर में सफाई व्यवस्था ठेके पर दी गई है, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही साफ नजर आ रही है। थाना चौराहा जो नगर का सबसे व्यस्त और मुख्य मार्ग है, वहीं महीनों से सफाई नहीं हुई है। दुकानदारों ने बताया कि कचरा गाड़ी भी समय पर नहीं आती, मजबूरी में लोग यहीं कचरा फेंक देते हैं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि रामनगर के प्रभारी सीएमओ /उपयंत्री को अपने मूल कार्यालय से ही फुर्सत नहीं है। वे कभी-कभार ही रामनगर आती /आते हैं, ऐसे में नगर की सफाई, सौंदर्यीकरण और निगरानी भगवान भरोसे है। थाना चौराहे जैसे वीआईपी क्षेत्र का ये हाल है तो वार्डों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के दावे केवल कागजों तक सीमित हैं। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंदगी पर ध्यान देते हैं या रामनगर का सौंदर्यीकरण ऐसे ही कचरे में दबा रहेगा।
Leave A Reviews